जिला सूरजपुर के जजावल राहत केंद्र में ठहराए गए पड़ोसी राज्यों के श्रमिकों के जरिए यहां कोरोना वायरस का संक्रमण फैला है। जांच में राहत केंद्र की देखरेख में लगे आरक्षक, पंचायत सचिव और रसोइया कोरोना पाॅजिटिव पाए गए हैं। जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. आरएस सिंह ने इसकी पुष्टि की है।
उन्होंने बताया कि तीनों को रायपुर भेजा जा रहा है। ये तीनों यहां ठहराए गए श्रमिकों के जरिए संक्रमित हुए हैं। इस तरह से जजावल राहत केंद्र के अब तक 6 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। जजावल के ग्रामीण राहत केंद्र में ठहराए गए लोगों को हटाने की मांग कर रहे हैं। स्थानीय तीन लोगों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद लोगों में थोड़ा डर बना हुआ है, क्योंकि ये लोग केंद्र से बाहर भी गए हैं। ऐसे में पता किया जा रहा है कि यह लोग कहां-कहां गए और कितने लोगों के संपर्क में आए हैं।
153 लोगों को रखा गया है क्वारेंटाइन में
जजावल में प्रवासी लोगों के अलावा इनकी देखरेख में लगे एसडीएम, जनपद सीईओ, तहसीलदार, पटवारी, डाॅक्टर, शिक्षक व भृत्य को यहां क्वारेंटाइन में रखा गया है। ये सभी प्रवासी श्रमिकों को राहत केंद्र में ठहराए जाने के बाद वहां की व्यवस्था देखने गए थे।
कोरोना पॉजिटिव इन इलाकों के हैं निवासी
जजावल राहत कैंप से जुड़े जो तीन नए मरीज मिले हैं। उनमें जयनगर थाना क्षेत्र के कुंजनगर निवासी पुलिस का आरक्षक, जजावल इलाके गोंविदपुर निवासी रसोइया व जजावल इलाके के पकनी निवासी पंचायत सचिव हैं। इन सभी की राहत केंद्र में ड्यूटी लगी थी।
ग्रामीणों को बताया था कि सभी की रिपोर्ट निगेटिव है
सीएमओ से अधिकारियों पर दबाव बनाकर रातों रात राजनांदगांव से प्रवासी लोगों को जजावल में शिफ्ट कर दिया गया था। ग्रामीणों को बताया गया था कि लॉकडाउन का पालन कराने के लिए फोर्स यहां कैंप करने वाली है। ग्रामीण विरोध करने लगे। अधिकारियों ने विरोध को दबाने के लिए कहा था कि सभी श्रमिकों की जांच हो चुकी है और रिपोर्ट निगेटिव है।
एक श्रमिक की रिपोर्ट आना अभी बाकी है
जजावल कैंप में एक श्रमिक के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद यहां रैपिड किट टेस्ट में दस लोग संक्रमित पाए गए थे। इन सभी को रायपुर में इलाज के लिए शिफ्ट किया गया था। वहां सभी की दोबारा जांच कराई गई तो उनमें तीन श्रमिकों में ही कोरोना मिला जबकि छह की रिपोर्ट निगेटिव आई है। एक श्रमिक की रिपोर्ट आनी बाकी है।
13 दिन क्वारेंटाइन पूरा होने पर जजावल आए थे
जिन प्रवासी श्रमिकों के जरिए जिले में कोरोना वायरस पहुंचा है। उन्हें 13 दिन पहले राजनांदगांव से यहां शिफ्ट किया गया था। ये सभी झारखंड के श्रमिक हैं। लॉकडाउन के बाद महाराष्ट्र से ये सभी श्रमिक राजनांदगांव आए थे और वहां 13 दिन क्वारेंटाइन पूरा होने के बाद जजावल शिफ्ट किया गया था। दो आश्रमों में 106 श्रमिक ठहराए गए थे। जबकि इनकी देखरेख के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगी थी।
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