ग्राम ईरादाह से मर्रापी तक वन विभाग द्वारा सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। विभाग ने कुछ दूरी तक निर्माण काम करने के बाद सालभर से काम बंद करा दिया है। सड़क नहीं बनने से बारिश के दिनों में ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले साल विधायक शिशुपाल शोरी दोनों गांव में पहुंचे थे और गांव को गोद भी लिया था, लेकिन अभी तक सड़क नहीं बन पाई।
ग्राम ईरादाह से मर्रापी तक 6 किमी में से 2 किमी सड़क का निर्माण 8 साल पहले प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना विभाग ने कराया था। निर्माण काम में तकनीकी खामियां दिखने पर काम रोक दिया गया। सत्र 2017 में पुलिस विभाग ने ग्रामीणों के सहयोग से ईरादाह से मर्रापी तक कच्ची सड़क का निर्माण कराया।
शासन से पक्की सड़क निर्माण के लिए राशि स्वीकृत होना था, लेकिन यह अधर में ही रह गया है। मर्रापी मार्ग में 4 किमी सड़क का निर्माण होना था, लेकिन शासन ने 810 मीटर ही सड़क निर्माण की स्वीकृति दी। इसमें से 230 मीटर में ही सड़क का निर्माण हाे पाया। ज्यादा बारिश होने पर कटाव होने की स्थिति में और दिक्कत बढ़ जाती है। कांकेर वन मंडल के डीएफओ अरविंदो पीएम ने कहा किस कारण से मर्रापी मार्ग में सड़क का काम बंद किया गया है, जांच चल रही है।
पुलिस ने ग्रामीणों के साथ बनाई है कच्ची सड़क
मर्रापी के जोहरूराम मंडावी, मोतीराम गावड़े, सोनू राम नेताम ने कहा बारिश होने पर सड़क खराब हो जाती है इस कारण सड़क को पक्की बनाई जाए। नाली का भी निर्माण पानी निकासी के लिए किया जाना चाहिए। जिवलामारी में तो काम भी शुरू नहीं हो पाया है। ईरादाह से ग्राम जिवलामारी तक सड़क निर्माण काम शुरुआत भी नहीं हो पाई है। शासन से भी राशि की स्वीकृति नहीं हो पाई है। पुलिस विभाग ने ग्रामीणों के सहयोग से पत्थर हटाकर मार्ग को समतल कर कच्ची सड़क बनाई थी। ग्रामीणों व पंचायत प्रतिनिधियों ने जिला कार्यालय में मर्रापी व जिवलामारी सड़क को बेहतर ढंग से बनाने की मांग की थी।
बारिश से पहले बनाएं सड़क: सरपंच
मर्दापोटी की सरपंच गीता गावड़े ने कहा जुलाई से बारिश शुरू हो जाने पर पहाड़ में कटाव की स्थिति बनेगी। इससे ग्रामीणों को आने-जाने में दिक्कत होगी। इसके चलते अभी समय रहते हुए सड़क का निर्माण किया जाना चाहिए। मर्दापोटी पंचायत क्षेत्र के जनपद सदस्य राजेश भास्कर ने कहा मर्रापी व जिवलामारी पहाड़ में अभी तक सड़क का निर्माण पूरा हो जाना था, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया है। इसके लिए प्रशासन से भी मांग कर चुके हैं।
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