छत्तीसगढ़ में छह नए मरीज मिलने के साथ 63 दिनों में कोरोना संक्रमितों की संख्या 103 हो गई है। राजनांदगांव के चारों मजदूर मुंबई से लौटे थे, जबकि कोरबा का छात्र दिल्ली से लौटा था। सोमवार रात हाल ही में आगरा से लौटे मुंगेली का युवक कोरोना पॉजिटिव मिला। ये सभी क्वारेंटाइन थे। वहीं कोरोना संकट में किसानों को राहत देने के लिए 21 मई को पूर्व पीएम राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के साथ सीएम भूपेश बघेल किसान न्याय योजना की शुरुआत करेंगे। इसके अंतर्गत धान, मक्का और गन्ना उगाने वाले 19 लाख किसानों को चार किस्तों में 5700 करोड़ दिए जाएंगे। यह राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा की जाएगी। इसके अलावा गन्ना उगाने वाले किसानों को 2018-19 का बकाया बोनस 10.27 करोड़ भी दिया जाएगा। नए सीजन से दलहन और तिलहन किसानों को भी मदद दी जाएगी। न्याय योजना के दूसरे चरण में भूमिहीन किसानों को शामिल किया जाएगा। इसके लिए सीएम बघेल ने सीएस आरपी मंडल की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई है। यह कमेटी दो माह में रिपोर्ट देगी। इसमें सभी मंत्री, जनप्रतिनिधि और किसान भी शामिल होंगे। खेती-किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए यह देश की अपने तरह की एक बड़ी योजना है। इस योजना के जरिए किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए खरीफ 2019 से धान और मक्का लगाने वाले किसानों को सहकारी समिति के माध्यम से उपार्जित मात्रा के आधार पर अधिकतम 10 हजार रुपए प्रति एकड़ की दर से अनुपातिक रूप से खेती में जरूरी सामानों की मदद दी जाएगी।
इस योजना में धान के लिए 18.34 लाख से ज्यादा किसानों को पहली किस्त के रूप में 1500 करोड़ दिए जाएंगे। गन्ना के लिए 2019-20 में सहकारी कारखाना के लिए खरीदे गए गन्ना की मात्रा के आधार पर एफआरपी राशि 261 रुपए प्रति क्विंटल, प्रोत्साहन और खेती के लिए जरूरी सामान के लिए 93.75 रुपए प्रति क्विंटल यानी अधिकतम 355 रुपए प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जाएगा। इसके तहत 34637 किसानों को 73.55 करोड़ चार किस्तों में दिए जाएंगे। पहली किस्त के रूप में 18.43 करोड़ 21 मई को ट्रांसफर किए जाएंगे।
24414 किसानों को 10.27 करोड़ बोनस
सहकारी शक्कर कारखानों के माध्यम से खरीदे गए गन्ना की मात्रा के आधार पर 50 रुपए प्रति क्विंटल की दर से 24414 किसानों को बकाया बोनस दिया जाएगा। इसके अंतर्गत 10.27 करोड़ दिए जाएंगे। मक्का लगाने वाले किसानों को भी लाभ देने का निर्णय लिया है। मक्का के आंकड़े लिए जा रहे हैं। इसके आधार पर आगामी किस्त में भुगतान किया जाएगा। बता दें कि लॉकडाउन के दौरान किसानों को फसल बीमा और प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के तहत 900 करोड़ दिए गए हैं। इससे पहले करीब 18 लाख किसानों का 8800 करोड़ कर्ज माफ किया गया था। सरकार ने खरीफ 2020 से धान, मक्का, सोयाबीन, मूंगफली, तिल, अरहर, मूंग, उड़द, कुल्थी, रामतिल, कोदो, कोटकी तथा रबी में गन्ना फसल को शामिल किया है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा के बाद खाद्य विभाग ने खरीफ सीजन में समर्थन मूल्य पर धान बेचने से वंचित रह गए टोकनधारी किसानों से खरीदी बुधवार 20 मई से की जाएगी। प्रदेश के करीब 4 हजार 549 टोकनधारी किसान 2 लाख 803 क्विंटल धान बेच सकेंगे। जिसका मूूल्य 36 करोड़ 64 लाख 66 हजार 442 रूपए होगा। राज्य शासन द्वारा किसानों के हित में लिए इस महत्वपूर्ण निर्णय से वंचित टोकनधारी कृषकों के धान की खरीदी समर्थन मूल्य पर 20, 21 एवं 22 मई को होगी। खाद्य विभाग ने एमडी सहकारी विपणन संघ एवं कलेक्टरों को इस संबंध में जारी दिशा-निर्देश में उपार्जन केन्द्रों में आवश्यक व्यवस्था करने को कहा है।
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