Skip to main content

राशन दुकानें नहीं खुलीं, बुधवारी बाजार में कम रही भीड़, क्वारेंटाइन सेंटरों में पहुंचे 500 से ज्यादा मजदूर

शहर में कंप्लीट लॉकडाउन के दूसरे दिन छूट के बाद भी कई क्षेत्रों में राशन की दुकानें नहीं खुलीं। बुधवारी बाजार लगा पर खरीदारों की संख्या काफी कम थी। जिला प्रशासन के आदेश को लेकर व्यवसायियों में भ्रम की स्थिति रही।
आदेश में रविवार को सब्जी, अनाज व खाद्य पदार्थ की दुकान खोलने की छूट दी गई थी। लेकिन अधिकांश दुकानें बंद थीं। सोमवार को सुबह 9 बजे से छूट वाली दुकानें खुल जाएंगी। इधर दूसरे राज्यों से जिले के मजदूरों का आना जारी है। कई लोग पैदल तो कुछ लोग वाहनों में लिफ्ट लेकर पहुंच रहे हैं। शनिवार तक 447 लोग पहुंचे थे वह रविवार को बढ़कर 500 से अधिक हो गए हैं। कंप्लीट लॉकडाउन को लेकर शहर के लोग भी तैयार नजर आए।

इसकी वजह से दूध, डेयरी की दुकान खुलने के बाद भी गिने चुने लोग ही मार्केट में दिखे। 64 घंटे का कंप्लीट लॉकडाउन सोमवार को सुबह 7 बजे समाप्त हो जाएगा। लेकिन जिन दुकानों को खोलने की छूट दी गई है, वे सुबह 9 बजे दोपहर 2 बजे तक ही खुलेंगी। निहारिका, कोसाबाड़ी, कोरबा, टीपी नगर में राशन की दुकानें नहीं खुलीं। कुछ दुकानें खुलीं, जिन्हें बंद करा दिया गया।

फरसवानी: 34 लोग पहुंचे, एक कमरे में बैठाया

करतला ब्लाॅक के अंतिम छोर में बसे फरसवानी क्वारेंटाइन सेंटर में रविवार को ओडिशा, हैदराबाद, नागपुर से 34 मजदूर पहुंचे। कोरबा-चांपा मार्ग पर बॉर्डर है, जहां आने जाने वालों की जांच की जा रही है। मजदूरों को पहले पंचायत के एक कमरे में बैठा दिया गया था। बाद में हायर सेकंडरी स्कूल भेजा गया। सरपंच रामगोपाल बियार का कहना था कि 8 मजदूर और आएंगे।

पोड़ी-लाफा: 56 से बढ़कर 70 हो गई संख्या

पाली ब्लाॅक के पोड़ी क्वारेंटाइन सेंटर में पहले 56 मजदूर थे। अब संख्या बढ़कर 70 तक पहुंच गई है। रोज 3-4 मजदूर पैदल पहुंच रहे हैं। इनके स्वास्थ्य की जांच भी हो रही है। बाहर के लोगों को अंदर जाने पर रोक लगा दी गई है। साथ ही मजदूरों को भी बाहर निकलने नहीं दिया जा रहा है। परिजनों से भी नहीं मिल सकते। मुनगाडीह बाॅर्डर से जिले के लोगों को सीधे क्वारेंटाइन किया जा रहा है।

सिरमिना: 15 मजदूर पहुंचे तो बढ़ गई संख्या

पोड़ी-उपरोड़ा ब्लाॅक के कोरिया बाॅर्डर पर स्थित सिरमिना में मजदूरों की संख्या बढ़ रही है। अभी यहां 15 मजदूर क्वारेंटाइन किए गए जो बाहर से आए हैं। कोरबी में संख्या 3 से बढ़कर 10 हो गई है। यहां रोज डॉक्टर आकर मजदूरों के स्वास्थ्य की जांच करते हैं। अधिकांश मजदूर राज्य के ही दूसरे जिलों में काम करने गए हैं। भोजन में दाल-चावल व आलू बड़ी की सब्जी दी जा रही है।

ट्रेन से जिले में मजदूर आएंगे, लेेकिन कब, इसका समय तय नहीं
जिले के 15 राज्यों में काम करने गए लगभग 10 हजार मजदूर फंसे हैं। इनके लिए ही 77 क्वारेंटाइन सेंटर बनाए गए हैं। जिसमें छात्रावास व हाई स्कूल भवन का चयन किया गया है। ट्रेन से ही मजदूर आएंगे लेकिन अभी समय तय नहीं है। इसके पहले ही कई मजदूर पैदल व लिफ्ट लेकर घर पहुंच रहे हैं, सीधे उन्हें क्वारेंटाइन किया जा रहा है।

मजदूरों की रोज ली जा रही जानकारी, कर रहे जांच: नोडल अधिकारी

डिप्टी कलेक्टर व नोडल अधिकारी अजय उरांव का कहना है कि दूसरे राज्यों से आने वाले मजदूरों की जानकारी रोज ली जा रही है। सभी केन्द्रों में पर्याप्त व्यवस्था है। राज्य के मजदूरों को उनके घरों में आइसोलेट किया जा रहा है। लेकिन दूसरे राज्य से आने वालों को क्वारेंटाइन किया जा रहा है। जहां स्वास्थ्य की जांच भी हो रही है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Ration shops did not open, there was less crowd in Budhwari market, more than 500 laborers reached quarantine centers


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3dyeaCz
via

Comments