Skip to main content

बिना लाइसेंस की चल रहीं 50 दुकानें: किसानों को हर साल बेच रहे 10 करोड़ की नकली कीटनाशक दवाएं

सरगुजा जिले में करीब 100 से अधिक कीटनाशकों की दुकानें संचालित हैं, लेकिन जिले में 27 दुकानों को ही लाइसेंस जारी किया गया है। करीब 50 अवैध दुकानों में नकली कीटनाशक और खेती से संबंधित दवाएं बेची जा रही हैं। लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया से जुड़े शाखा प्रभारी के संरक्षण में अवैध तरीके से इन दुकानों का संचालन किया जा रहा है।


इन दुकानों में नकली दवाइयों की बिक्री भी जमकर हो रही है। अकेले अम्बिकापुर में ही हर साल 20 करोड़ से अधिक के कीटनाशकों की बिक्री होती है। ऐसे में करीब 10 करोड़ का कीटनाशक बैगर लाइसेंस वाले दुकानों में बेचा जा रहा है। नकली कीटनाशक बेचने का धंधा भी करोड़ों में हो रहा है।

हालांकि इस धंधे से जुड़े लोगों का कहना है कि कई लाइसेंसधारी दुकान संचालक भी नकली और अमानक कीटनाशक बेच रहे हैं, लेकिन अफसर दिखावे के लिए इन दुकानों का निरीक्षण करते हैं। दैनिक भास्कर पड़ताल में खुलासा हुआ है कि अम्बिकापुर में कृषि विभाग ने सबसे अधिक बीज बेचने के लिए लाइसेंस जारी किए हैं, लेकिन उसके साथ दुकानदार कीटनाशक भी बेच रहे हैं। अम्बिकापुर में भी कुछ जगहों पर नकली कीटनाशक तैयार कर पैकिंग किए जाने की खबर है।
अनुभवहीन और बैगर डिग्रीधारी बेच रहे हैं कीटनाशक दवाएं
कीटनाशक दुकान के लाइसेंस के लिए दुकानदार को कृषि से मास्टर डिग्री या फिर विभाग द्वारा जारी सर्टिफिकेट होना चाहिए, लेकिन ऐसे कोई कागजात उनके पास नहीं हैं। कई ने सर्टिफिकेट पाने के लिए आवेदन किया है, लेकिन इसके लिए होने वाली पढ़ाई में खानापूर्ति हो रही है।

जैविक दवाइयों के नाम पर मची लूट, फर्जी कंपनियों का पता दर्ज
अम्बिकापुर की कीटनाशक दुकानों में जैविक खेती के नाम उसमें लगने वाली कई दवाइयों की बिक्री हो रही है। बताया जाता है कि इनमें कई ऐसे दवाइयां हैं, जिनकी शीशी पर फर्जी कंपनियों का नाम और पता दर्ज होता है। जिन्हें जानकारी के अभाव में ग्रामीण किसान खरीद लेते हैं।

लखनपुर और उदयपुर ब्लाॅक में सिर्फ 8 दुकानों का है लाइसेंस
उदयपुर में 5 और लखनपुर ब्लाॅक में 3 कीटनाशक की लाइसेंसी दुकान हैं। जबकि इतनी ही ब्लाॅक मुख्यालय और ग्रामीण क्षेत्र मिलाकर बिना लाइसेंस के संचालित हो रही हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि लाइसेंस के लिए दुकान संचालक का कृषि में ग्रेजुएशन होना जरूरी है।

लाइसेंस नहीं.. वे दुकानदार ही नकली दवा बेच रहे

ये दुकानदार उन नकली कीटनाशकों और अन्य दवाइयों की बिक्री कर रहे हैं, जिनमें मुनाफा अधिक होता है। नकली दवाइयों में जितना प्रिन्ट रेट होता है। उसके 25 प्रतिशत में नकली दवा तैयार करने वाले बेच रहे हैं।

कंपनियां... लालच देकर बिकवा रहीं कीटनाशक

सरगुजा संभाग के सभी जिलों में कई ऐसी पंचायत हैं। जहां किराना दुकानों में भी खाद बीज के साथ कीटनाशकों के साथ कई दवाइयां बिक रही हैं। इन दुकानदारों से फर्जी कीटनाशक कंपनियां अच्छे लाभ का लालच देकर बिक्री कराती हैं। इससे किसानों को नुकसान हो रहा है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
जिले में संचालित एक कीटनाशक सामग्री की दुकान की तस्वीर, इसके पास लाइसेंस नहीं है।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/36M0qCh
via

Comments