कोरोना महामारी से निपटने के लिए जिला प्रशासन जिला मुख्यालय से 5 किमी दूर लाइवलीहुड कॉलेज में सर्वसुविधा युक्त 50 बेड का कोविड 19 अस्पताल तैयार कर रहा है। इस अस्पताल में संक्रमित या पॉजिटिव पाए गए मरीजों का इलाज किया जाएगा। यहां मरीजों का कोरोना टेस्ट से लेकर संपूर्ण इलाज तक की सभी व्यवस्थाएं तैयार की जा रही हैं। जांच किट सहित सभी प्रकार के टेस्ट के लैब यहां बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा आईसीयू कक्ष से लेकर सभी प्रकार की जरूरी दवाइयों और संसाधनों की भी व्यवस्था की गई है।
जानकारी के मुताबिक अन्य अस्पतालों की तुलना में इसका पूरा सिस्टम अलग है। यहां मरीजों के आने-जाने के लिए अलग मार्ग बनाए गए है। डॉक्टरों अौर अन्य लोगों के आवागन के लिए अलग मार्ग बनाया गया है। यहां भर्ती मरीजों की निगरानी के लिए कंट्रोल भी बनाया गया है, जहां से नजर रखी जाएगी साथ ही आवश्यक निर्देश भी दिए जाएंगे। सभी कमरों में कैमरे व माइक लगाए गए हैं। कोई भी मरीज हलचल करेगा या स्वास्थ्य विभाग के नियमों का उल्लंघन करेगा तो कंट्रोल रूम में दिख जाएगा। यही माइक से सीधे उसे समझाइश दी जाएगी।
महिला-पुरुषों के अलग-अलग जनरल वार्ड
यहां महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग दो-दो वार्ड बनाए गए हैं, प्रत्येक वार्ड में 10-10 बेड लगाए जा रहे हैं। दोनों के लिए अलग से शौचालय और प्रसाधन के लिए भी अलग-अलग कक्ष बनाए गए हैं। गर्मी कोदेखते हुए सभी कमरों में पर्याप्त कूलर, पंखे, लाइट व एक्जास्ट भी लगाए गए हैं, ताकि मरीजों गर्मी में किसी प्रकार की परेशानी ना हो। सोशल डिस्टेसिंग के नियम के तहत सभी बेड की निश्चित दूरी भी रखी गई है। इसके अलावा सभी कक्षों में मास्क, सैनिटाइजर व अन्य जरूरी चीजें भी रखी जाएंगी।
गंभीर मरीजों के लिए ऑटोमेटिक बेड व एसी की सुविधा
यहां गंभीर रूप से संक्रमित मरीजों के लिए आईसीयू व एचडीयू कक्ष तैयार किए गए हैं, जो पूर्णत आधुनिक हैं। आईसीयू कक्ष में तीन बेड लगाए हैं, जबकि दो एचडीयू कक्ष तीन-तीन बेड वाले तैयार किए गए हैं। सभी बेड ऑटोमेटिक उपयोग वाले हैं। डॉक्टर या मरीज अपने हिसाब से बेड को आगे-पीछे या फोल्ड कर सकते हैं। कमरे में वेंटीलेटर, मल्टीपेरा मॉनीटर, सक्शन मशीन, ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ ईसीजी व बीपी जांच की मशीन सहित आईसीयू कक्ष के अनुरूप सभी सिस्टम लगाए गए हैं। यहां पॉजिटिव मरीजों को आईसीयू में रखा जाएगा। परंतु ऐसे पॉजिटिव मरीज, जिन्हें विशेष ध्यान देने की जरूरत है, जिन्हें वेंटीलेटर की जरूरत नहीं है, उन्हें एचडीयू कक्ष में रखा जाएगा। इन कक्षों में मरीजों की सुविधा के लिए एसी भी लगाए गए हैं।
सरकार से फंड नहीं लिया, विभागों ने जुटाए संसाधन
यह अस्पताल बिना शासकीय फंड के विभागीय अधिकारियों और जनमानस के सहयोग से तैयार हो रहा है। सीएचएमओ डाॅ. नेतराम नवरत्ने ने बताया कि कलेक्टर श्याम धावड़े तथा जिपं सीईओ विनय लंगहे के मार्गदर्शन में अलग-अलग विभाग के प्रशासनिक अधिकारियों के सहयोग से इस अस्पताल को तैयार किया जाएगा। पीडब्लयूडी, पीएचई, स्वास्थ्य विभाग, सीएसईबी सहित अन्य विभाग द्वारा अलग-अलग सामाग्री व संसाधनों की व्यवस्था की गई है। वहीं नगर के व्यापारी व सामाजिक संगठनों की मदद से एसी, पंखा सहित अन्य सुविधा के उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यह अस्पताल पूर्णत सहयोग के आधार पर तैयार किया जा रहा है इसलिए इसका नाम डेडिकेटेड कोविड अस्पताल रखा गया है। उन्होंने बताया कि इस अस्पताल को कोरोना मरीजों के इलाज के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय से जारी गाइडलाइन के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।
आईसीयू के सामने ही स्टाफ रूम : आईसीयू व एचडीयू कक्ष के मरीजों पर 24 घंटे नजर बनाए रखने व उनकी सहायता के लिए आईसीयू कक्ष के सामने ही दो स्टाफ रूम तैयार किए गए हैं, जहां देखभाल के लिए डॉक्टरों की टीम रुकेगी। टीम इसी कक्ष से मरीजों के इलाज के पहले मास्क, ड्रेस सहित पूरी किट के साथ तैयार होगी, फिर आईसीयू कक्ष में प्रवेश करेगी। आईसीयू व एचडीयू कक्ष के मरीजों के लिए प्रसाधन भी अलग बनाए गए हैं।
बाहरी लोगों का प्रवेश पूर्णत वर्जित : कोविड 19 अस्पताल में बाहरी लोगों का प्रवेश पूर्णत वर्जित रहेगा। यहां नियुक्त स्टाफ व डॉक्टरों की टीम भी यही रहेगी। उन्हें बाहर जाने की मनाही रहेगी। स्टाफ व मरीजों के रुकने, खाने-पीने से लेकर कपड़े धोने सहित दैनिक दिनचर्या की समस्त व्यवस्थाएं की गई है। थोड़ी बहुत चहल-पहल के लिए यहां गार्डन भी तैयार किया जा रहा है ताकि कुछ समय यहां भ्रमण कर सके।
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