हाथियों को आग के गोले दागने और गुलेल चलाकर भगा रहे ग्रामीणों को मना करने पर वनकर्मियों पर हमला कर वर्दी फाड़ने के मामले में 5 दिन बाद कोतबा पुलिस ने 5 ग्रामीणों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पीड़ित राजेश मिर्रे सहयोगी वनरक्षक मनमोहन रात्रे, संजय कुमार पैंकरा, लखेस पैकरा ने बताया कि 4 मई की रात 10 बजे ग्राम पंचायत मधुबन में जंगली हाथी के आने और ग्रामीणों के फसलों को नुकसान पहुंचाने की जानकारी पत्थलगांव परिक्षेत्र अधिकारी ने दी थी। उनके निर्देश पर वाहन क्रमांक सीजी 02 एफ 0023 में चारों वनरक्षक ग्राम पंचायत मधुबन पहुंचे। वनरक्षकों के मुताबिक ग्रामीणों की संख्या 300 तीन सौ से अधिक थी। उसमें से कुछ लोग शराब पीकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे थे। हाथियों को खदेड़ने के लिए ग्रामीणों ने मशाल में आग जलाकर और गुलेल से वार कर रहे थे। उसी दौरान हाथी उग्र होकर ग्रामीणों को दौड़ाने लगे। सुरक्षा की दृष्टि से ग्रामीणों ने वनकर्मियों को खूब समझाने का प्रयास किया लेकिन वे हाथी के निकट जाकर उस पर प्रहार करने से नहीं चूक रहे थे। वनकर्मी ग्रामीणों को समझाइश देने पर ग्रामीण मान नहीं रहे थे और गुस्साए ग्रामीणों ने उल्टे समझाइश दे रहे वनकर्मियों को ही अपना शिकार बनाते हुए उन्हें दौड़ा दौड़ा कर मारपीट करते हुए उनसे दुर्व्यवहार करते हुए वर्दी तक फाड़ डाली, जिससे राजेश कुमार मिर्रे को चोटें आई। बताया जा रहा है कि घटना स्थल से जान बचाकर भागे तीन वनकर्मी सूचना कोतबा पुलिस को दी, जिसके बाद मौके पर पंहुची पुलिस ने भीड़ पर काबू पाया और एक वनकर्मी की जान बचाई गई। मामला घटित होने के दिन ही वनकर्मियों ने चौकी में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की, लेकिन दूसरे दिन उनके नहीं पहुंचने पर कार्रवाई नहीं होने की बात पुलिस द्वारा कहीं जा रही थीं, जबकि पत्थलगांव रेंजर ने घटना की पुष्टि करते हुए उच्च अधिकारियों के मार्गदर्शन पर ही कार्रवाई करने की बात कही।
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