मेडिकल कॉलेज में अभी सिर्फ 4 डिपार्टमेंट की ओपीडी चल रही है। यह चार डिपार्टमेंट सर्जरी, मेडिसिन, शिशुरोग और अस्थिरोग हैं। इन चार डिपार्टमेंट की ओपीडी चलने से यहां आने वाले गंभीर बीमार मरीजों को हॉस्पिटल में भी भर्ती किया जा रहा है। इसके अलावा दांत, नाक, कान, गला, कैंसर सहित अन्य विभागों की ओपीडी के बंद होने से इन बीमारियों से ग्रसित मरीजों को विशेषज्ञ डाॅक्टरों से इलाज नहीं मिल पा रहा है।
मेकॉज प्रबंधन का कहना है कि अभी कोरोना के चलते ही पहले ही दो सौ बिस्तर वाला एक अलग हॉस्पिटल बनाया गया है। ऐसे में बड़ी संख्या में वहां पर कर्मचारियों की तैनाती की गई है। कोरोना डिपार्टमेंट में स्टाफ देने के लिए अन्य डिपार्टमेंट के स्टाफ को इधर लगाया गया है इसके अलावा यदि सारे विभागों की ओपीडी शुरू कर दी जाएगी तो ओपीडी और वार्डों में भी मरीजों की खासी भीड़ हो जाएगी। कोरोना संक्रमण काल तक भीड़ जमा करना भी खतरे से खाली नहीं है। ऐसे में अभी सिर्फ चार डिपार्टमेंट में ही इलाज की व्यवस्था जारी रखी गई है। इधर एक दर्जन से ज्यादा ओपीडी के बंद होने से मरीजों को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है और उन्हें निजी क्लिनिक जाना पड़ रहा है।
आपातकाल में इलाज जारी, ऑपरेशन भी करेंगे
इधर मेकॉज के अधीक्षक डॉ. केएल आजाद ने बताया कि कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए अभी कुछ प्रमुख विभागों की ही ओपीडी चलाई जा रही है। इसके अलावा मरीजों को परेशानी न हो इसलिए अन्य विभागों के मरीजों की जांच आपातकाल ओपीडी से करवाई जा रही है। इसके अलावा यदि कोई मरीज आपात स्थिति में आता है और उसे ऑपरेशन या अन्य मेडिकल सुविधाओं की जरूरत है तो ऑनकॉल पर डाॅक्टरों को बुलाकर इलाज करवाया जा रहा है।
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