उरगा-हॉटी सड़क निर्माण का काम फॉरेस्ट की अनुमति नहीं मिलने के कारण रुका है। 46.7 किलोमीटर लंबी सड़क में से 4 किलोमीटर वन भूमि में काम करने अनुमति नहीं मिली है। जिसकी वजह से डामरीकरण नहीं हो पाया है। सड़क चौड़ीकरण के लिए 15 हेक्टेयर की जमीन अधिग्रहित की जा रही है।
इसका प्रस्ताव पहले से ही वन व पर्यावरण मंत्रालय को भेजा गया था। लेकिन कटघोरा के स्थान पर दूसरे स्थान पर क्षतिपूर्ति पौधरोपण के लिए जमीन ढूंढ़ने की बात कहते हुए फाइल वापस भेज दिया गया है। उरगा-हॉटी सड़क का निर्माण 97 करोड़ की लागत से कराया जा रहा है। सड़क चौड़ीकरण के लिए वन भूमि की जरूरत है। बिना अनुमति के वन भूमि में कार्य नहीं करा सकते। वन विभाग के माध्यम से शासन को प्रस्ताव भेजा जाता है।
सड़क निर्माण एजेंसी छत्तीसगढ़ सड़क विकास निगम ने जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया देरी से शुरू की। जिसकी वजह से सड़क का निर्माण पूर्ण नहीं हो पाया है। वन भूमि के हिस्से को समतलीकरण छोड़ दिया गया है। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने कटघोरा वन मंडल में पौधरोपण के लिए चिन्हित जमीन को अपर्याप्त बताया है। यहां 32 हेक्टेयर में पौधरोपण करने की जानकारी दी गई थी। साथ ही सड़क निगम को वर्ल्ड लाइफ के लिए भी राशि देनी होगी।
कनकी नहर पर अब तक नहीं बन सका पुल
उरगा से बलौदा के बीच कनकी के पास नहर पुल बनाने के लिए 6.66 करोड़ रुपए की मंजूरी मिली है। इसकी टेंडर प्रक्रिया भी अभी शुरू नहीं हो पाई है। हसदेव दर्री बराज संभाग के ईई पीके वासनिक का कहना है कि 4 महीने बाद ही काम शुुरू हो पाएगा। नहर में पानी छोड़ते समय काम करना मुश्किल है।
90 प्रतिशत काम पूरा अब एनओसी का इंतजार
सड़क विकास निगम के एसडीओ एसके सतपथी का कहना है कि वन भूमि का मामला नहीं होता तो काम पूर्ण हो जाता। करतला क्षेत्र में 3.50 किलोमीटर की सड़क बनना शेष है। बाकी सड़कों का डामरीकरण पूर्ण हो गया है। साथ ही समतलीकरण का कार्य करा लिया गया है।
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