कोटा राजस्थान से नगर लौटी छात्रा कोरोना पॉजिटिव पाई गई है। छात्रा कोटा में एमबीबीएस की कोचिंग कर रही थी। अंतत: रात 11 बजे छात्रा को रायपुर एम्स रायपुर एंबुलेंस से ले जाया गया। छात्रा के माता-पिता को घर पर ही आइसोलेट किया गया है। इनके घर काम करने वाली 3 महिलाएं और दो पुरुष जो मेडिकल स्टोर में बैठते थे, सभी को जवाहर नवोदय विद्यालय में बने क्वांरेटाइन सेंटर भेजा गया है।
पीड़ित छात्रा के साथ एक अन्य छात्र भी लौटा था। 15 मई को दोनों विद्यार्थियों का ब्लड लेकर टेस्ट के लिए एम्स भेजा गया था। छात्रा की रिपोर्ट रविवार को आ गई है लेकिन दूसरे छात्र की रिपोर्ट आज भी नहीं मिली है। छात्र के माता-पिता का भी आज ब्लड सैंपल लेकर एम्स भेजा गया है। इस तरह इनके प्रभाव में आने वाले करीब 41 लोगों का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वाब सैंपल लिया गया है अौर एम्स रिपोर्ट के लिए भेजा गया है। स्वास्थ्य विभाग को अंदेशा है कि इन सभी छात्रों का टेस्ट दो बार पूर्व में लिया जा चुका है, जो नेगेटिव आया था। लेकिन 15 मई को लिए गए टेस्ट में पॉजिटिव आने के बाद स्वास्थ्य अमला में हड़कंप मचा है।
इस मामले में शासन की घोर लापरवाही सामने आई है। 5 मई को कवर्धा में 7 दिन तक आइसोलेट होने के बाद गरियाबंद जिले के 14 छात्र-छात्राओं को घर भेज दिया गया था। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन सभी विद्यार्थियों को होम क्वारेंटाइन में रहने तथा इसके नियम का पूरी ईमानदारी से पालन करने की हिदायत दी थी। बताया जाता है कि उक्त छात्रा नियम का पालन करने की बजाय मेडिकल स्टोर पर भी देखी जाती थी।
इस बीच अपनी सहेली के घर मिलने गांव भी गई थी। पड़ोसियों ने जांच करने आई टीम को बताया कि उसके पिता दवाई दुकान में बैठने के साथ-साथ इंश्योरेंस का काम भी देखते हैं। उन्होंने कंपनी के लोगों और ग्राहकों के साथ बैठक भीकी थी। रिपोर्ट आने के 2 दिन पूर्व ग्राम सिधौरी में एक बैठक में भी शामिल हुए थे।
जिले में लौटे 14 छात्रों का फिर सैंपल लेकर एम्स भेजा
गरियाबंद जिले में 14 विद्यार्थी 5 मई को कोटा से अपने-अपने गांव पहुंचे हैं और सभी होम आइसोलेशन में हैं, लेकिन घरों में विद्यार्थी नियम का कितना पालन कर रहे हैं, यह बड़ा सवाल है। सीएचएमओ नेतराम नवरत्ने, एएसपी सुखनंदन राठौर सहित जिले के आला अधिकारी राजिम में रविवार रात से डेरा डाले हैं। प्रभावित के घर से 1 किमी तक को कंटेनमेंट जोन बनाया गया है। यहां पर किसी को आने-जाने नहीं दिया जा रहा है और पुलिस का कड़ा पहरा है। चूंकि राजिम गरियाबंद जिला से राजधानी को जोड़ने वाले हाईवे किनारे स्थित है। सीएचएमओ ने बताया कि जिले में करीब 14 विद्यार्थी कोटा से 5 मई को घरों में पहुंचे हैं, जिनमें यह छात्रा भी शामिल थी। इन सभी विद्यार्थियों का फिर ब्लड लेकर टेस्ट के लिए एम्स रायपुर भेजा जा रहा है, जिसकी रिपोर्ट 2 से 3 दिन में मिल सकती है।
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