सफाई के लीग मुकाबले में 400 और स्टार रेटिंग में हजार नंबर गंवा चुकी राजधानी, अच्छी रेटिंग का दावा कमजोर
गार्बेज फ्री स्टार रेटिंग में बड़ी नाकामी ने राजधानी में स्वच्छ सर्वे की अच्छी रेटिंग की सारी उम्मीदों पर लगभग पानी फेर दिया है और माना जा रहा है कि इस बार भी देश के शहरों में राजधानी रायपुर की स्थिति अच्छी नहीं रहने वाली है। ओडीएफ में डबल प्लस पाने के बावजूद राजधानी ने पहले लीग प्रतियोगिता में 400 नंबर गंवा दिए थे। दरअसल केंद्र सरकार ने स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 में इस बार लीग कांसेप्ट रखा है। इसके अलावा गार्बेज फ्री स्टार रेटिंग और ओडीएफ प्लस रेटिंग के भी अंक जुड़ेंगे। ओडीएफ में प्लस प्लस हासिल करने के कारण रायपुर को 750 अंक मिल चुके हैं। लेकिन स्टार रेटिंग में एक हजार अंक गंवा देने के बाद अब अच्छी रेटिंग का दावा स्वभाविक रूप से कमजोर पड़ सकता है।
सिर्फ डोर टू डोर कलेक्शन में पास
डोर टू डोर कलेक्शन, स्त्रोत पर ही गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करने, गंदगी पर जुर्माना करने प्लास्टिक पर पाबंदी जैसे बिंदुओं में रायपुर शहर पास हुआ है। पानी के स्रोतों और नालियों की सफाई के लिए स्टार रेटिंग में रायपुर ने दावा नहीं किया था। इसकी वजह से इसमें अंकों की कमी स्वभाविक रूप से हुई है। जानकारों के मुताबिक स्टार रेटिंग में इस तरह के प्रदर्शन के बाद स्वच्छता सर्वे के अंतिम नतीजों में इसका विपरीत असर पड़ सकता है।
प्रोसेसिंग का अभाव बड़ी विफलता जब टीमें सर्वे करने आई उस वक्त शहर में संकरी का प्रोसेसिंग प्लांट शुरु नहीं हो पाया। इसके कारण भी रायपुर के नंबर कट गए। प्रोसेसिंग प्लांट दिसंबर में बनकर तैयार होना चाहिए था। सफाई सर्वे के मुकाबले में दस लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों की दौड़ में इंदौर, भोपाल जैसे शहरों से हमारा सीधे मुकाबला है। ये सारे शहर पहले ही अच्छे अंक हासिल कर चुके हैं। सभी केटेगरी में मुकाबले में शामिल हुए हैं।
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