प्रवासी मजदूरों के आने का सिलसिला लगातार चल रहा है। अब तक दंतेवाड़ा में 2000 से ज्यादा मजदूर पहुंच चुके हैं। इनमें से 1916 मजदूरों को जिले के चारों ब्लॉक में बने 37 क्वारेंटाइन सेंटर में रखा गया है। जबकि 75 मजदूरों को उनके घर झारखंड भेज दिया गया है। कटेकल्याण ब्लॉक के क्वारेंटाइन सेंटर में सबसे ज्यादा मजदूर हैं। ऐसे में इस ब्लॉक के सभी सेंटर्स के फुल होने की स्थिति बन गई है। कुआकोंडा में ब्लॉक के 3 सेंटर्स में रेड जोन जिले से आए मजदूरों को रखा गया है।
इन दोनों ब्लॉक के सेंटर फुल होने की स्थिति में अब दंतेवाड़ा और गीदम की तरफ मजदूरों को भेजने की तैयारी चल रही है। सेंटर्स में मजदूरों के भागने की घटना के बाद सतर्कता बढ़ाई गई है। दंतेवाड़ा में दूसरे राज्यों के 369 व अन्य ज़िलों के 180 मजदूर हैं। जिले में सबसे ज्यादा लोग अॉरेंज जोन से यहां पहुंचे हैं। इनकी संख्या करीब 1368 है। ग्रीन जोन से 159 मजदूर पहुंचे हैं। रेड जोन से पहुंचे 142 मजदूरों के लिए तीन सेंटर गढ़मिरी, बालूद, बुरगुम आश्रम में बनाए गए हैं। डिप्टी कलेक्टर आस्था राजपूत ने बताया कि राज्य शासन से मिल रहे दिशा निर्देशों के अनुरूप बाहर के मजदूरों को भेजने की कार्रवाई
की जा रही है।
व्यवस्था देखने क्वारेंटाइन सेंटर मोखपाल पहुंचे अफसर
जिले के कटेकल्याण ब्लॉक के मोखपाल पोटाकेबिन में बने क्वारेंटाइन सेंटर में सबसे ज्यादा 190 मज़दूर रखे गए हैं। यहां की व्यवस्थाओं को देखने कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा सोमवार को यहां पहुंचे। मास्क, सैनिटाइजर, मजदूरों के खाने-पीने की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मजदूरों से बात की व उन्हें कहा कि आप घबराएं नहीं, आपकी, आपके अपनों की, गांव की सुरक्षा के लिए सेंटर्स में रखा जा रहा है। यहां परेशानी नहीं होने दी जाएगी। क्वारेंटाइन अवधि पूरी होने के बाद घर भेज दिया जाएगा।
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