दिल्ली एयरपोर्ट ने 25 मार्च को लॉकडाउन शुरू होने के बाद से चार मई तक करीब 30,000 फंसे हुए लोगों के लिये 300 से अधिक उड़ानों का परिचालन किया।साथ ही, लगभग 1,000 मालवाहक उड़ानों का भी परिचालन किया गया। दिल्ली हवाईअड्डा अंतरराष्ट्रीय लिमिटेड (डायल) ने बुधवार को एक बयान में यह जानकारी दी। बयान में कहा गया है कि अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, जापान और नार्वे जैसे कुल 44 देशों ने अपने फंसे हुए नागरिकों को भारत से ले जाने के लिये उड़ानों का परिचालन किया।
दिल्ली हवाईअड्डे का संचालन करने वाले डायल ने कहा कि चार मई 2020 तक दिल्ली हवाईअड्डा ने करीब 1,000 मालवाहक उड़ानें और फंसे हुए लोगों के लिए करीब 310 उड़ानों का आगमन एवं प्रस्थान, घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर परिचालन किया। इस अवधि के दौरान करीब 27,500 विदेशी नागरिकों और 2,300 फंसे हुए भारतीयों ने इन उड़ानों से यात्रा की। साथ ही, हवाईअड्डा ने 12,600 मीट्रिक टन माल के आयात-निर्यात की ढुलाई भी की, जिसमें कोविड-19 से जुड़ी चिकित्सा सामग्री और ताजी सब्जियां भी शामिल हैं। जीएमआर समूह नीत डायल ने कहा, ‘‘लॉकडाउन से पहले, दिल्ली हवाईअड्डा ने कोविड-19 प्रभावित कई देशों द्वारा संचालित 20 उड़ानों का परिचालन किया। गौरतलब है कि कोराना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिये भारत में 25 मार्च से लॉकडाउन लागू है और इस वजह से सभी वाणिज्यिक उड़ानें स्थगित हैं।
लॉकडाउन के दौरान विदेशों में फंसे भारतीयों की वतन वापसी की प्रक्रिया कल से होगी शुरू
लॉकडाउन के कारण विदेश में फंसे भारतीय नागरिकों को भारत वापिस लाने की प्रक्रिया दिल्ली सरकार गुरुवार से प्रांरभ होने जा रही है। इसके लिए दिल्ली सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी शिल्पा शिंदे को नोडल ऑफिसर नियुक्त किया है। विदेश से दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने पर यात्रियों को हेल्थ स्क्रीनिंग होगी। फिर इमीग्रेशन की जांच की जाएगी,उसके बाद वह अपने सामान और कस्टम्स क्लीयरेंस लेंगे, उसके बाद उन्हें कंट्रोल रूम जाना होगा। फिर वेटिंग रूम में उसे इंतजार करना होगा। सरकारी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद ही उसे एयरपोर्ट से बाहर क्वारेंटाइन व अन्य राज्यों के यात्रियों को उन राज्यों के अधिकारी को सौंपा जाएगा।
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