मंत्री टीएस सिंहदेव ने मिशन अमृत के तहत ग्राम कतकालों में बने फिल्टर प्लांट का बटन दबाकर ट्रायल किया। उन्होंने प्लांट का निरीक्षण कर अधिकारियों से जानकारी लेकर यहां से जल्द 24 घंटे पानी सप्लाई करने के निर्देश दिए। सिंहदेव ने कहा कि इस प्लांट के प्रारंभ होने से अम्बिकापुर वासियों को पेयजल की समस्या नहीं रहेगी।
जल संचय की आवश्यकता को देखते हुए पचपेड़ी क्षेत्र में एक और टंकी के निर्माण के लिए मंजूरी मिल गई है। इसका काम भी जल्द शुरू होगा। सिंहदेव ने कहा कि अम्बिकापुर को मिशन अमृत के तहत 106 करोड़ से बना प्रदेश का पहला ऑटोमेटिक फिल्टर प्लांट मिल रहा है। यह प्लांट लमेला तकनीक पर आधारित है जो पूरी तरह से ऑटोमेटिक है। इसके संचालन के लिए कम से कम मैन पावर की जरूरत होती है। इस फिल्टर प्लांट से ढाई लाख लीटर प्रति घंटा पानी साफ होगा।
पाइप-लाइनों की सफाई के बाद शुरू हो जाएगी पेयजल की सफ्लाई: मिशन अमृत के तहत कतकालो ग्राम में तेजस कंस्ट्रक्शन एण्ड इंस्फ्राट्रचर प्राइवेट लिमिटेड पुणे द्वारा आधुनिक तकनीक पर आधारित ऑटोमेटिक 15 एमएलडी क्षमता का जल शोधन सयंत्र का निर्माण पूरा कर लिया गया है। कम्पनी 5 वर्ष तक संचालन एवं मेंटेनेंस का कार्य करेगी। पाइप-लाइनों की सफाई का काम चल रहा है। सफाई कार्य पूरा होते ही सप्लाई प्रारंभ हो जाएगी।
फिल्टर प्लांट से 65 लाख लीटर पेयजल रोज तैयार होगा
अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में फिल्टर प्लॉट के पास 65 लाख लीटर की टंकी है। जिसे प्रतिदिन दो बार भरना है। इससे करीब एक करोड़ 12 लाख लीटर पानी प्रतिदिन आपूर्ति की जाएगी। पानी की आवश्यकता अधिक होने पर इसी प्लांट में अतिरिक्त विस्तार भी किया जा सकेगा। प्लांट का शोधन क्षमता डेढ़ करोड़ लीटर प्रतिदिन है लेकिन वर्तमान में 65 लाख लीटर ही करेगा। घुनघुट्टा डैम से पानी लाने और फिल्टर करने में बहुत कम ऊर्जा खपत होगी। इसलिए उपभोक्ताओं को कम लागत पर ही पेयजल उपलब्ध होगा। यह प्लांट जीरो वेस्टेज तकनीक पर आधारित है, जिससे पानी शोधन के दौरान कुछ भी वेस्ट नहीं होगा।
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