कटेकल्याण ब्लॉक की धुर नक्सलगढ़ ग्राम पंचायत पखनाचुआ में 19 साल पहले बने 4 जोगी डबरियों की आजतक मरम्मत नहीं हुई है। हालात यह है कि मरमम्त नहीं होने के कारण आज इन सभी में पानी नहीं ठहरता है। टूटे मेड़ों के बीच से होकर पानी निकल जाता है। इससे बारिश के बाद डबरियां सूखी पड़ी रहती है। वहीं गांव में एक भी तालाब नहीं है। इससे ग्रामीणों को निस्तारी और पटवन के लिए काफी परेशानियों को सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने कहा कि तालाब की स्वीकृति देकर काम शुरू किया जाना चाहिए। ताकि लॉक डाउन में गांव के ही ग्रामीणों को रोजगार भी मिले और गांव में तालाब व डबरी बनने से बारिश के पानी का संचय हो सके। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के अधिकांश घरों में मवेशी हैं। उनके पीने के पानी की सबसे बड़ी समस्या है। गर्मी में यह समस्या और बढ़ रही है। गांव के आसपास नदी- नाला भी नहीं है। जो है उसमें भी पानी नहीं रहता। ऐसे में बहुत समस्या हो रही है।
स्वीकृति मिली हुई है, बनाने को कहेंगे
मनरेगा एपीओ राजेश वर्मा ने कहा कि पखनाचुआ पंचायत में तालाब बनाने की स्वीकृति मिली हुई है। यह हालही में पंचायत बनी है, ऐसे में मनरेगा कार्यों में ऑनलाइन नहीं दिखा रहा। पता करता हूँ, काम आखिर क्यों शुरू नहीं हुआ है। एपीओ राजेश ने कहा कि मनरेगा के काम में मांग होते ही स्वीकृति मिल जाती है। कोई समस्या नहीं है। मैं दिखवाता हूँ। गांव में तालाब की ज़रूरत है तो बनवाई जाएगी।
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