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नई तकनीक से बनेगा रेन वॉटर हॉर्वेस्टिंग सिस्टम, 16 लाख मिले

सीएम भूपेश बघेल के निर्देशन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरु रूद्र कुमार के मार्गदर्शन में अब राज्य में वर्षा जल को सहेजने के लिए वाटर हार्वेस्टिंग की उन्नत तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।मंत्री ने गर्मी के दिनों में भू-जल स्तर गिरने से पेयजल समस्या से प्रभावित ग्रामों को चिन्हित कर प्राथमिकता के साथ आधुनिक तकनीक से रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के निर्देश दिए थे। विभागीय अफसरों के अनुसार यह तकनीक उन क्षेत्रों के लिए ज्यादा कारगर और प्रभावी होगी, जहां गर्मी में पेयजल और निस्तार की गंभीर समस्या आती है। इसके तहत ’वी वायर इंजेक्शन वेल’ रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के लिए दुर्ग जिले के निकुम और अंजोरा ढाबा गांव को चयनित किया गया है। इसके लिए 16 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति भी दी गई है। इस तकनीक से 2.5 एकड़ क्षेत्र में होने वाली वर्षा जल से 10 एमएलडी यानी एक करोड़ लीटर वर्षा जल को जमीन के अंदर इंजेक्ट कर रिचार्ज किया जा सकता है।
इस योजना के पूर्ण होने से क्षेत्र के 10 हजार ग्रामीण लाभान्वित होंगे। स्वीकृति से सरपंच मुक्ति सुधाकर, जनपद सदस्य रूपेश देशमुख, तारा शर्मा, नंदकुमार साहू, दीपनारायण यादव, धरम दास साहू सहित ग्रामीणों ने खुशी जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि रेन वाटर हार्वेस्टिंग के लगने से गांव में पानी की समस्या तो खत्म होगी ही साथ ही खेतों में भी पर्याप्त पानी मिल सकेगा। इसके अलावा वाटर लेवल भी गांव का बेहतर हो जाएगा। जल्द ही कार्य शुरू होंगे।



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