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राजधानी में 15 सौ से ज्यादा क्वारेंटाइन, हर वार्ड में दो दर्जन होम आइसोलेशन में

अमिताभ अरुण दुबे | राजधानी रायपुर में पिछले तीन माह में अधिकांश वार्डों में अधिकतम एकाध लोग होम क्वारेंटाइन किए जा रहे थे, लेकिन अब हालात ये हो गए हैं कि हर वार्ड में 25 से 30 घरों के बाहर होम क्वारेंटाइन का पर्चा चिपका नजर आने लगा है। राजधानी में 1500 से ज्यादा लोग होम क्वारेंटाइन में हैं। यही नहीं, प्रवासी मजदूरों के लौटने के बाद से कोरोना संक्रमण ही नहीं, क्वारेंटाइन के मामले इतनी तेजी से बढ़े हैं कि अभी पूरे राज्य में डेढ़ लाख से ज्यादा लोग क्वारेंटाइन हैं। इनमें 18 हजार सरकारी क्वारेंटाइन सेंटरों में सवा लाख लोग हैं, और 40 हजार से ज्यादा होम क्वारेंटाइन काट रहे हैं। इनमें चाहे राजधानी हो या प्रदेश, महाराष्ट्र से लौटे लोगों की संख्या सबसे ज्यादा है। राजधानी और प्रदेश के लिए यह आंकड़े अब चौंका रहे हैं। राजधानी में इससे पहले मार्च में होम क्वारेंटाइन लोगों की तादाद लगभग एक हजार पर पहुंची थी। इनमें अधिकांश लोग विदेश से लौटे थे। उसके बाद लोगों का क्वारेंटाइन खत्म होने लगा, लेकिन मई में अचानक यह संख्या उछली है और अब तक डेढ़ हजार से ज्यादा लोग सिर्फ रायपुर में क्वारेंटाइन हो चुके हैं। शहर के हर जोन में इस समय लगभग 200 लोग क्वारेंटाइन चल रहे हैं। ये वो लोग हैं जो लॉकडाउन के दौरान यात्रा में मिली रियायत के बाद अन्य राज्यों से लौटकर आए हैं। रायपुर शहर में सबसे ज्यादा यात्री महाराष्ट्र से लौटे हैं, इनकी तादाद ढाई सौ से ज्यादा है। इसके बाद गुजरात, ओडिशा, मध्यप्रदेश, राजस्थान और दिल्ली जैसे राज्यों से लोग यहां लौटे हैं। नियमों के मुताबिक जिला, पुलिस और नगरीय प्रशासन के द्वारा इनकी सतत मॉनिटरिंग की जा रही है।माना जा रहा है आने वाले दिनों में शहर में भी क्वारेंटाइन लोगों की तादाद बढ़ सकती है।
क्वारेंटाइन संख्या

  • 1.50 लाख लोगप्रदेश में आइसोलेटेड
  • 42 हजार से ज्यादा लाेग बाहर से आए
  • 1.25 लाख प्रवासी मजदूर भी आ चुके
  • 1500 से ज्यादा रायपुर में क्वारेंटाइन

क्वारेंटाइन वेस्ट पर मांगी रिपोर्ट
इस बीच, पर्यावरण विभाग ने नगरीय क्षेत्रों में क्वारेंटाइन किए गए लोगों के कचरे के कलेक्शन और डिस्पोजल की स्थिति को लेकर सभी नगरीय निकायों से रिपोर्ट मांगी है। क्वारेंटाइन कचरा कितना निकल रहा है और किस तरह डिस्पोज कर रहे हैं, यह जानकारियां मंत्रालय ने पूछी हैं।
रोजाना 10 फीसदी तक सैंपल
क्वारेंटाइन किए गए पंद्रह सौ से ज्यादा लोगों में से प्रतिदिन पांच से दस फीसदी लोगों के सैंपल लिए भी लिए जा रहे हैं। हेल्थ विभाग की मोबाइल टीम घरों में जाकर भी सैंपल कलेक्ट कर रही है। वहीं ऐसे लोग जो सर्दी खांसी बुखार जैसे लक्षण बता रहे हैं, उनके सैंपल भी लिए जा रहे हैं।
कंटेनमेंट जोन की जद में 448 घर, इनमें गर्भवती व बुजुर्ग भी
राजधानी की सड्डू बीएसयूपी कालोनी में कोरोना पीड़ित मिलने के बाद आसपास की 6 बड़ी कालोनियों को कंटेनमेंट जोन में लेकर सील कर दिया गया है। इस दायरे में 448 मकान आए हैं, जिसमें कुल 1792 लोग निवास करते हैं। हेल्थ विभाग की जांच में पता चला है कि वर्तमान में यहां 270 मकानों में 1018 लोग रह रहे हैं। इसमें 10 गर्भवती महिलाअों समेत 135 बुजुर्ग व 206 10 साल से कम उम्र के बच्चे भी हैं। सीएमएचओडॉ. मीरा बघेल ने बताया कि गुरुवार को पीड़ित के मिलने के बाद हेल्थ की 81 लोगों की टीम उस एरिया के सर्वे में लग गई। आंकड़े जुटाए गए, जिसमें जानकारी मिली कि अभी वहां ऐसे 3 लोग ही हैं, जिनमें बुखार, सूखी खांसी, सांस लेने में परेशानी के लक्षण हैं। इस कंटेनमेंट एरिया में जो पाजिटिव मिला, उसके संपर्क में रहनेवाले केवल 15 लोगों का ही पता चला है। इनके सैंपल ले लिए गए हैं। वहां के 11 लोगों को होम क्वारेंटाइन कर दिया गया है। दो दिन में पूरे इलाके के लोगों की हेल्थ रिपोर्ट अपडेट ले ली जाएगी।
रायपुर में पहली बार एक दिन में 4016 लोगों की जांच रिपोर्ट आई
एम्स ने गुरुवार को 3539 सैंपलों की जांच का नया रिकार्ड बनाया है। स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन से इसकी पुष्टि हो रही है। बुधवार को एम्स से 24 घंटे में 1142 सैंपलों की रिपोर्ट आई थी। प्रदेश में पांच सरकारी लैब हैं, जहां गुरुवार को 4016 लोगों की रिपोर्ट आई। इसमें 17 पॉजीटिव व 3999 सैंपल नेगेटिव रही। मंगलवार को प्रदेशभर के 2324 सैंपलों की रिपोर्ट बाकी थी, जो बुधवार को बढ़कर 3837 हो गई थी। गुरुवार को यह संख्या कम होकर 2776 हो गई है। एम्स के डायरेक्टर डा. नितिन एम नागरकर ने बताया कि एम्स में रायपुर संभाग (रायपुर शहर को छोड़कर) व दुर्ग संभाग के सैंपलों की जांच की जा रही हैं। दाेनाें संभागाें में 10 जिले हैं। इनमें बालाेद, राजनांदगांव, दुर्ग, बलौदाबाजार, कवर्धा व गरियाबंद से लगातार पॉजीटिव केस आ रहे हैं। हर मरीज के संपर्क में औसतन 30-35 मरीज भी आए तो सभी का सैंपल लिया जाता है। लिहाजा, 10 मरीज मिले तो सैंपल की संख्या 350 हो जाती है। इसीलिए ज्यादा सैंपल कलेक्ट रहे हैं और जांच भी तेजी से होने लगी है।
डॉक्टर-नर्सों की 10 से 14 दिन कोरोना अस्पताल में लगेगी ड्यूटी
स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना अस्पताल में डॉक्टरों की ड्यूटी व क्वारेंटाइन के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। स्वास्थ्य सचिव निहारिका बारीक ने सभी कलेक्टरों, डीन व सीएमचओ को लिखे पत्र में डॉक्टरों, नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी के दिन तय कर दिए हैं। उनकी ड्यूटी 10 से 14 दिनों के लिए लगाई जाएगी। इसके बाद उन्हें 14 दिनों तक क्वारेंटाइन करना है। कोरोना के लिए स्वाब कलेक्शन टीम, 108 के ईएमटी व पायलेट, कांटेक्ट ट्रेसिंग टीम, एक्टिव सर्विलेंस टीम समेत अधिकारियों-कर्मचारियों का काम का दिन तय करना जरूरी होगा। जिन अस्पतालों व अस्पतालों में संक्रमित मरीज नहीं मिले हैं, उन्हें क्वारेंटाइन में रखने की जरूरत नहीं है। वे रूटीन में अपना काम करते रहेंगे। कोरोना अस्पताल में ड्यूटी करने वाले सभी को पीपीई किट, ग्लब्स, फेस शील्ड के अलावा विशेष चश्मा पहनने होंगे। क्वारेंटाइन सेंटर में जरूरी सुविधाएं रखी जाएं ताकि उन्हें परेशानी न हो।



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प्रदेश में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे है लेकिन बाजारों में अभी भी भीड़ नजर आ रही है। तस्वीर मालवीय रोड की है।


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