रबी में तिलहन के रुप में सूरजमुखी की हाइब्रिड किस्में अच्छा उत्पादन देती हैं। घरघोड़ा के किसान अभी ट्रायल के रूप में आधे एकड़ में सूरजमुखी की खेती कर 110-120 लीटर तेल का उत्पादन कर रहा है। तीन से चार एकड़ में उड़द, मूंग, भिड़ी, बरबट्टी सहित अन्य सब्जियों की भी खेती करता है। सूरजमुखी की सबसे बड़ी खासियत है कि इसे मेड़ों पर भी आसानी से लगाया जा सकता है। इस वजह से खेत में अन्य कुछ भी उत्पादन कर सकते हैं।
घरघोड़ा के आनंद राम साहू ने बताया कि वे पहले सिंचाई का साधन नहीं होने के कारण परेशानी होती थी। सूरजमुखी को मेड़ों पर लगाकर आसानी से तेल का उत्पादन कर रहे हैं। अब जनवरी 2021 से दो एकड़ पर खेती करेंगे। जिले में इससे पहले हजारों एकड़ में इसकी खेती होती रही है। लेकिन अब कुछ सालों से यह बिल्कुल ही कम हो गया है। मशीनों की जरूरत नहीं होती। इस वजह से किसान कम उत्पादन कर रहे हैं।
आधे एकड़ में 2 क्विंटल से ज्यादा बीज मिला
मौसम अच्छा रहने पर पिछले साल आधे एकड़ में 2 क्विंटल से थोड़ा ज्यादा बीज का उत्पादन हुआ। इस साल भी कमोबेश ऐसी ही स्थिति नजर आ रही है। हाइब्रिड बीज लगाने की वजह से थाली के आकार में बड़े छत्ते के रूप में फूल खिलते हैं। फूल को सुखाने पर उसमें से बीज निकला जाता है। आधे एकड़ में 2 से ढाई क्विंटल बीज निकलता है।
खेती करने का यहहै सही तरीका
अब सूरजमुखी की हाइब्रिड किस्म का उत्पादन किया जा रहा है। ग्रीष्मकालीन मौसम में जनवरी माह के मध्य में बीज को लगाते है। खेतों की मेढ़ पर लाइन से लाइन में डेढ़ से दो फीट की दूरी के साथ लगाते है। जिससे पौधे से पौधे की दूरी 9 इंच से 1 फुट के बीच रहती है। खरपतवार को साफ कर दो से तीन बार उर्वरक खाद देकर ढाई से तीन महीने में फूल का उत्पादन हो जाता है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2yckwss
via
Comments
Post a Comment