ग्राम पंचायत परवी में 10 महिला स्व सहायता समूह द्वारा लगभग 100 से ज्यादा महिलाएं समूह से जुड़कर वर्षो से जीविकापार्जन कर रही हैं। वहीं अन्य समूहों के लिए प्रेरणास्रोत भी बनी हुई हैं। यह गांव अंदरूनी एवं संवेदनशील क्षेत्र में बसा हुआ है। लगभग 600-700 से आबादी वाले इस गांव में एक सौ से अधिक महिलाएं है, जो समूह के माध्यम से आय का स्रोत बनाकर जीविकापार्जन कर रही है।
ज्योति समूह द्वारा वन विभाग द्वारा वनोपज खरीदी कार्य में लगी है। वतर्मान में महुआ की आवक होने से महुआ खरीदी कर रही हैं। इनके अलावा मौसम के अनुरूप वनोपजों की खरीदी करते हैं। उजाला समूह की महिलाआं द्वारा गांव में ही जैविक खाद बनाने का कार्य किया जा रहा है।
विकास समूह एवं एकता समूह की महिलाएं स्कूलों में मध्याह्न भोजन का संचालन कर रही हैं। जागृति समूह मछली पालन एवं उन्नति समूह होटल का व्यवसाय करते हुए आ रहे हैं। अभिलाषा समूह, प्रकाश समूह, युग समूह एवं सत्यम समूह की महिलाएं गांव के जरूरत मंद लोगों के समय में राशि उपलब्ध करा रही है और इससे होने वाले आय से अपना व परिवार का जीविकापार्जन कर रहे हंै। महिला समूह के सदस्य कमलेश्वरी, सूरजबाई मंडावी, कौशिल्या उइके, अमेरिका मंडावी, कांति नेताम, अंजना मंडावी, दुर्गा मंडावी ने बताया स्व सहायता समूह के माध्यम से वर्षो कार्य करते हुए आ रहे हंै। इससे हमें रोजगार मिल गया है और अच्छी आमदनी भी हो रही है। पूर्व वन मंडल भानुप्रतापपुर के डीएफओ आरसी दुग्गा ने कहा कि महिलाएं स्व सहायता समूहों को वनोपज खरीदीने के साथ कई कार्य दिया जा रहा है, इससे महिलाएं स्वावलंबी बन रही है।
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