जिले में उत्तरप्रदेश के भदोही के 10 लोग लॉकडाउन के चलते फंसे हुए थे। इनमें से 8 लोगों ने खुद के वाहन की व्यवस्था कर अपने प्रदेश रवाना हुए। दो लोग पैसे की व्यवस्था नहीं हो पाने के चलते कांकेर में ही फंसे हुए हैं। भदोही के लोगों ने पिछले दिनों प्रशासन ने गांव भेजने की गुहार लगाई थी। इस पर प्रशासन ने उन्हें वापस गांव जाने की अनुमति दे दी। इसके चलते 10 लोगों में 8 लोगों ने अपने घरों से पैसे मंगाकर वाहन की व्यवस्था की और भदोही वापस लौटे।
दरअसल सभी लोग जनवरी माह में कांकेर में फेरी का व्यवसाय करने पहुंचे थे। वहीं मार्च में लॉकडाउन की वजह से काम पूरी तरह से बंद हो गया। इसके चलते वे यही फंस गए। लॉकडाउन शुरू होने के बाद से ये लोग अपने घर वापस जाने की मांग कर रहे थे, लेकिन अनुमति काफी समय तक नहीं मिल पा रही थी। सोमवार को रात के दौरान प्रशासन से अपने व्यवस्था से वापस लौटने की अनुमति मिल गई। लॉकडाउन में फंसे होने के कारण किसी के पास भी पैसे नहीं थे। इसके चलते लोगों ने परिजनों से पैसे मंगाए। लेकिन इसमें से सिर्फ 7 लोगों के परिजनों ने 17 हजार डाले। इसके बाद लोगों ने निजी वाहन से बात की। चालक उत्तरप्रदेश के बार्डर तक छोड़ने के लिए तैयार हुआ।
वहीं मीनापुर के राजेंद्र प्रसाद, रविंद्र की आर्थिक स्थिति ज्यादा खराब होने से उनके परिजन खाते में पैसे नहीं डाल पाए। इसके चलते उन्हें यहीं रूकना पड़ गया। राजेंद्र प्रसाद जायसवाल ने सभी से विनती की कि उसके 14 वर्षीय पुत्र विकास को भी साथ ले जाए। इस पर सभी राजी हो गए और उन्हें अपने साथ ले गए। राजेंद्र प्रसाद जायसवाल, रविंद्र ने कहा अभी उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। वे पैसे की व्यवस्था नहीं कर पाए। इस कारण उनका जाना नहीं हुआ। जब तक वे रुके हैं। उनके लिए राशन की व्यवस्था प्रशासन करना चाहिए, क्योंकि उनके पास पैसे भी नहीं है।
दूसरे प्रदेश में जाने पर क्वारेंटाइन पर रहना पड़ेगा
कांकेर कलेक्टर केएल चौहान ने कहा दूसरे प्रदेश में यदि वाहन चालक जाता है। तभी उसे 14 दिन क्वारेंटाइनन में रहना पड़ता है। दूसरे जिले में जाने पर क्वारेंटाइन की आवश्यकता नहीं है।
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