जिले के सामाजिक कार्यकर्ता आलोक कुमार साहू ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि राज्य के राज्यपाल सह कुलाधिपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा लोहरदगा बलदेव साहू महाविद्यालय सहित राज्य के सातों महाविद्यालय के अंतर्गत पड़ने वाले सभी महाविद्यालयों में अनुबंध सहायक प्राध्यापकों को लॉकडाउन के दरम्यान का मानदेय राशि भुगतान करने का आदेश सभी कुलपति को दिया गया है। बावजूद उनका मानदेय का भुगतान अभी तक नहीं मिला है। लॉकडाउन के दौरान मानदेय राशि नहीं मिलने से अनुबंध सहायक प्राध्यापकों के बच्चे भुखमरी के कगार पर खड़े हैं।
झारखंड के सभी सातों विश्वविद्यालय में घंटी आधारित सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति की गई है। जिन्हें प्रति घंटे के हिसाब से 600 रुपए मानदेय राशि के रूप में भुगतान किया जाता है, लेकिन विश्वविद्यालय अथवा कॉलेजों में अधिकांश समय परीक्षा संचालित होने व अन्य कारणों से शिक्षण कार्य बाधित होने के कारण इन प्राध्यापकों को आर्थिक क्षति का भी नुकसान उठाना पड़ता है। झारखंड में उच्च शिक्षा में गुणात्मक सुधार लाने में अनुबंध सहायक प्राध्यापकों की उल्लेखनीय भूमिका रही है।
लॉकडाउन के दौरान भी सभी महाविद्यालयों में अनुबंध सहायक प्राध्यापकों के द्वारा लगातार प्रतिदिन ऑनलाइन क्लासेस लिए जा रहे हैं। बावजूद उनके मानदेय भुगतान के प्रति सरकार का रवैया उदासीन बनी हुई है। साहू ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अविलंब अनुबंध सहायक प्राध्यापकों के मानदेय का भुगतान कराने की मांग की है।
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