जिले में कोविड 19 को लेकर बचाव व राहत के कार्य तेज कर दिए गए हैं। इस क्रम में जिले को ग्रीन जोन बनाते हुए जहां कुछ प्रमुख क्षेत्रों में रियायत मिली है, वहीं पुलिस प्रशासन द्वारा सख्ती बढ़ा दी गई है। इस क्रम में अनावश्यक घूमने वालों से पुलिस पहले की अपेक्षा और भी अधिक सख्ती से निपट रही है। इस क्रम में ऐसे लोगों से निपटने के लिए पुलिस ने दूसरी तरकीब अपनायी है, जिसके तहत वैसे लोगों को रोकर हम समाज के दुश्मन है लिखित बैनर के साथ तस्वीर लेते हुए उन्हें हिदायत दी जा रही है। इसके बावजूद लॉक डाउन का उल्लंघन करने पर कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी गई है। इसके लिए शहर से लेकर गांव तक पेट्रोलिंग दस्ता द्वारा गस्ती किया जा रहा है।
इधर पूरे जिले में उपायुक्त आकांक्षा रंजन व एसपी प्रियदर्शी आलोक के दिशा निर्देश में बचाव व सेवा कार्य किया जा रहा है। जिसके तहत आवश्यक सेवाओं का लाभ लेने वाले लोगों से निरंतर दूरी बनाए रखने की अपील की जा रही है। वहीं घर से निकलने पर मास्क का उपयोग आवश्यक बताया गया है। बिना मास्क के घूमते पाए जाने पर कार्रवाई की बात कही गई है। हालांकि सरकारी दफ्तरों में शुरू हुए कार्यों के बीच लोग विभिन्न प्रकार के कार्यों के लिए निकलने लगे है। इस क्रम में उन्हें बाहर आने का स्पष्ट कारण बताना पड़ रहा है। वहीं कोरोना के भय से अब भी काफी लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे है। सभी जरूरी कार्यों में निकलने वाले लोगों से बाइक पर एक व चारपहिया पर दो लोगों से अधिक उपस्थित रहने की मनाही की गई है। इधर पूर्व में गुप्त रूप से हिंदपीढ़ी से लोहरदगा पहुंचे 7 व बाद में 13 लोगों का रांची रिम्स भेजा गया ब्लड सैंपल का रिपोर्ट निगेटिव पाया गया। इस पर सदर अस्तपताल के प्रभारी डीएस डा शंभू नाथ चौधरी ने पुष्टि की है। शहर के कुछ लोगों द्वारा लगातार मानसिक रोगियों के लिए दवा उपलब्ध कराने की मांग की जा रही है। इस क्रम में कुछ लोगों द्वारा इस मामले पर एसडीओ को आवेदन भी दी गई है। जिसमें रिनपास कांके से प्राप्त होने वाले आवश्यक दवाओं की पूर्ति आवश्यक सेवा के रूप में कराने की मांग की गई है।
किसानों को हुए नुकसान की रिपोर्ट जल्द भेजने की मांग
सामाजिक कार्यकर्ता आलोक कुमार साहू ने कहा कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि होने के कारण लोहरदगा जिला के कैरो एवं भंडरा प्रखंड काफी तबाही हुई है। किसानों द्वारा लगाए गए फसलें बर्बाद हो गया है तथा कितने घरों को क्षति पहुंचा है। जिसके कारण किसानों के कमर ही टूट गई। इस पर साहू ने कैरो एवं भंडरा अंचलाधिकारी से वार्ता कर शीघ्र किसानों को क्षतिपूर्ति का रिपोर्ट तैयार कर आपदा विभाग को भेजने की मांग की। जिससे किसानों को क्षतिपूर्ति के मुआवजा मिल सके। अंचलाधिकारी कैरों ने साहू को बताया कि उन्होंने किसानों को सूचित करवा दिया है कि जिसका क्षति हुआ है वह अपना आवेदन अंचल में जमा करा दें। उन्होंने बताया कि संपूर्ण लॉकडाउन हो जाने के कारण पहले हुए क्षतिपूर्ति का रिपोर्ट आपदा विभाग में जमा नहीं हुआ था दोनों बार का रिपोर्ट शीघ्र ही आपदा विभाग भेज दिया जाएगा।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2KzPBst
via IFTTT
Comments
Post a Comment