(संताेष चाैधरी)काेराेना वायरस की वजह से ठप पड़ चुकी अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिए केन्द्र सरकार ने कुछ शर्ताें के साथ मालवाहक वाहनों के आवागमन की छूट दे दी है। इसमें पहली शर्त है कि जरूरी सामग्री से जुड़े वाहनों का ही आवागमन हाेगा। वह भी दाे ड्राइवर और एक खलासी के अलावा चाैथा व्यक्ति नहीं हाेगा। इस छूट का असर रांची में दिखने लगा है। छूट मिलने के दूसरे दिन मंगलवार काे ओरमांझी से आगे चुटू टाेल प्लाजा से करीब 700 छाेटे-बड़े वाहनों का आवागमन हुआ। लेकिन 10 फीसदी वाहनों की भी जांच नहीं हुई।
टाेल प्लाजा पर स्थानीय थाना के पुलिसकर्मियाें काे वाहनों की जांच के लिए बैठाया ताे जरूर गया है, पर वे सिर्फ वाहनों का नंबर नाेट करने में व्यस्त हैं। छाेटे वाहनों में तीन-चार से अधिक लाेग बैठे दिखते हैं ताे उनसे पूछताछ कर लेते हैं। लेकिन बड़े वाहनाें, कंटेनर में जांच नहीं हाे रही। ऐसी लापरवाही रांची सहित दूसरे शहराें के लिए भी खतरनाक है, क्याेंकि इस खानापूर्ति से ताे काेराेना बॉर्डर क्राॅस कर जाएगा।
1 मुखिया, पार्षद, थानेदार के हस्ताक्षर वाले पास
पुलिस काे चकमा देने के लिए कई वाहनों पर मुखिया, पार्षद अाैर थानेदार का हस्ताक्षर किया गया पत्र फ्रंट ग्लास पर चिपका दे रहे हैं। पुलिस इसकी जांच करने की जहमत नहीं उठा रही। हालांकि मीडियाकर्मी काे देखकर माैके पर तैनात पुलिसकर्मी चाैकस हाे जाते हैं अाैर वाहन पर लगे मुखिया, पार्षद के फर्जी पास काे हटवाने लगते हैं।
2 28 एंबुलेंस गुजरी पर एक की भी जांच नहीं
करीब तीन घंटे के दाैरान चुटू टाेल प्लाजा के पास से करीब 28 एंबुलेंस गुजरी। एक से भी पूछताछ नहीं हुई। एक एंबुलेंस में चार लाेगाें के जाने की वजह पूछने पर चालक ने बताया कि जिस मरीज काे लेकर रिम्स गए थे, उन्हीं के परिवार के सदस्य वापस जा रहे हैं। पर वास्तव में वे परिवार के सदस्य थे या नहीं, जांच नहीं हुई।
3 टैक्स लेने पर जाेर सेनिटाइजेशन नहीं
वाहनों का आवागमन बढ़ने से टैक्स तो मिलेगा, पर यह खतरनाक भी साबित हाे सकता है। क्याेंकि टाेल प्लाजा के पास दूसरे राज्याें से अाने वाले ड्राइवर-खलासी व अन्य लाेगाें के साथ वाहनों काे सेनिटाइज कराने की व्यवस्था एनएचएअाई ने नहीं की है। ऐसे में कोई कब संक्रमित हाे जाए यह पता भी नहीं चलेगा।
हाेटल-ढाबे वालों के लिए सुरक्षा सबसे पहले
केन्द्र सरकार ने हाइवे पर हाेटल-ढाबा खाेलने की छूट दी है। लेकिन रांची के हाेटल-ढाबा संचालकाें ने लोगों की सुरक्षा के लिए सरकार से मिली छूट का त्याग कर दिया। रांची के बूटी माेड़ से चुटू, नामकुम के रामपुर से तमाड़, बिरसा चाैक से कालामाटी अाैर पंडरा से मांडर व नगड़ी रूट मिलाकर करीब 300 छाेटे-बड़े लाइन हाेटल व ढाबा हैं। लेकिन 90 फीसदी नहीं खुले हैं। अाेरमांझी जू के पास हाेटल सम्राट के मालिक राजेश कुमार ने बताया कि जब तक काेराेना की चेन नहीं टूटती है तब तक हाेटल नहीं खाेलेंगे।
ध्यान रखें... टोल प्लाजा पर कर्मचारी नकद नहीं ले रहे, पेमेंट एप जरूर रखें
- टाेल प्लाजा पर कर्मचारी नगद पैसा लेने से बच रहे हैं। उन्हें संक्रमण का खतरा है। वे डिजिटल पेमेंट करा रहे हैं। अापने फास्ट टैग नहीं लिया है अाैर अापात स्थिति में शहर से बाहर जा रहे हैं ताे माेबाइल पर पेमेंट एप जरूर रखें। हाेटल संचालक अाैर दुकानदार भी नगद पैसा लेने से बच रहे हैं।
- फास्ट टैग नहीं है ताे फिलहाल 3 मई तक नया फास्ट टैग नहीं बनेगा। क्याेंकि इसे बनाने वाली एजेंसी के कर्मचारी लाॅकडाउन की वजह से अाना-जाना नहीं कर रहे हैं। एेसे में यात्रा से बचने की काेशिश करें। क्याेंकि फास्ट टैग नहीं हाेने पर टाेल प्लाजा में वाहनों की लंबी लाइन लग रही है।
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