चौपारण प्रखंड के लोहार टोली बजरंग कॉलोनी मातृत्व सेवा सदन में वृंदावन पंचायत करमा के एक गर्भवती महिला की मौत शुक्रवार को हो गई। जिससे गुस्साए परिजनों ने हंगामा किया। सूचना मिलने पर प्रशासन ने घटना स्थल पर पहुंचकर परिजनों को समझा बुझाकर स्थिति को काबू में किया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए हजारीबाग भेज दिया। परिजनों ने क्लीनिक के संचालक पर लापरवाही का आरोप लगाया। मृतक के परिजनों ने बताया कि अंजू देवी 20 पति आशीष कुमार दास को प्रसव के लिए गुरुवार को सामुदायिक अस्पताल चौपारण में भर्ती करवाया था। रात भर अस्पताल में रहने के बाद अगले दिन शुक्रवार को हालत बिगड़ने के उपरांत सामुदायिक अस्पताल से चिकित्सक ने रेफर कर दिया। लॉकडाउन के कारण सहिया के सलाह पर लगभग साढ़े आठ से नौ के बीच मातृत्व सेवा सदन चौपारण में लाया। जहां कुछ देर के बाद गर्भवती अंजू ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने 20000 रुपया देने का भी आरोप लगाया है।
मरीज को देखने के बाद बाहर ले जाने की दी सलाह : संचालक
मातृत्व सेवा सदन के संचालक चमन गुप्ता का कहना है कि जिस वक्त प्रसूति को लेकर आया था। काफी सीरियस अवस्था में थी। चिकित्सक एवं अस्पताल कर्मी उस समय दूसरे पेसेंट के सिजेरियन करने की तैयारी कर रहे थे। गंभीर हालत देखकर चिकित्सक ने हजारीबाग ले जाने की बात कही। पर उनलोगों के आग्रह पर चिकित्सक ने आधा घंटा सिजेरियन करके निकलने के बाद देखा तो चेस्ट में पूरा कफ भरा हुआ था और खांस रही थी। परिजनों के आग्रह पर चिकित्सक के देखने के बाद मरीज को पेन रिलीफ देकर बाहर ले जाने की बात कही। इसी बीच प्रसूति की मौत हो गई। साथ ही संचालक गुप्ता ने कहा कि जब मरीज को भर्ती किया ही नहीं गया तो 20000 रुपये लेने का बात सरासर झूठ है। परिजन वाहन की खोज काफी देर तक करते रहे, पर लॉकडाउन के कारण कोई वाहन जाने को तैयार नहीं हुए।
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