लॉकडाउन के दौरान निःशक्त व वृद्धाओं को सरकारी लाभ लेने के लिए कई प्रकार की भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यदि जिला प्रशासन और प्रखंड प्रशासन द्वारा व्यवस्था नहीं की गई तो इनकी परेशानी और भी बढ़ सकती है। किसी प्रकार की सुविधा नहीं मिलने के कारण निःशक्त, असहाय वृद्धाओं को लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। इसका ताजा उदाहरण शुक्रवार को देखने को मिला। जब कड़ी धूप व चिलचिलाती गर्मी के बीच 12 किलोमीटर का पैदल सफर कर जीमा गांव की एक निःशक्त महिला प्रमिला कुंवर विकलांगता पेंशन व दो वृद्ध महिलाएं सुमा देवी व शिबन उरांव वृद्धा पेंशन निकासी लिए कुडू क्षेत्र के बैंक सुबह 9 बजे भूखे प्यासे पहुंच कर लाइन में लग गई।
इतना ही नहीं लाइन लगाने के तीन घंटे बाद लगभग बारह बजे पैसा निकासी कर वापस जीमा गांव पैदल ही चल गई। वृद्ध महिलाओं ने बताया लॉक डाउन के कारण कोई भी वाहन नहीं चल रहा है। घर में पैसे की तंगी है। चावल तो मिला है लेकिन दाल सब्जी के लिये पैसे नहीं थे। पेट की आग बुझाने के लिये पैदल 12 किलोमीटर का आवागमन करना पड़ा। इसके अलावे कोई उपाय नहीं था। वृद्ध महिलाओं ने कहा कि एक ओर सरकार गरीबों के लिये कई योजनाएं चला रही है लेकिन गरीब लाचार लोगों को योजना का लाभ दिलाने के लिये किसी भी प्रकार का प्रयास नहीं किया गया है। नतीजा गरीब, लाचार, निःशक्त व वृद्ध वृद्धाओं को परेशानी से जूझना पड़ रहा है।
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