Skip to main content

Jharkhand daily news

सरायकेला छऊ नृत्य कला के गुरु जयनारायण सामल (86) का साेमवार रात निधन हाे गया। उन्हाेंने हंसाहुड़ी स्थित आवास पर अंतिम सांस ली। देर रात कुदरसाई स्थित घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। परिजनों, छऊ कलाकार, कला प्रेमी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए अंतिम संस्कार में शामिल हुए।

कुशल नर्तक के साथ वे अच्छे छऊ शिक्षक भी रहे

28 मई 1934 को सरायकेला में जन्मे सामल ने अपनी छऊ नृत्य की प्रारंभिक शिक्षा जुगल किशोर पटनायक से ली। बाद में अमीनो शाही अखाड़ा के नटशेखर बन बिहारी पटनायक छऊ नृत्य कला की शिक्षा हासिल की। एक कुशल नर्तक के साथ वे अच्छे छऊ शिक्षक भी रहे। 1960-70 के दशक में राजकीय छऊ नृत्य कला केंद्र की ओर से देशभर में इन्होंने प्रदर्शन किया।

2013 में मिलासंगीत नाटक अकादमी अवार्ड

1978 ने फ्रांस में मास्क डांस फेस्टिवल, 1985 में ब्रिटेन में एवं 1996 में यूनाइटेड स्टेट में इनके प्रदर्शन को काफी सराहा गया। 1996 में बिहार सरकार के आर्ट कल्चरल यूथ डिपार्टमेंट ने इन्हें कलाकार अवार्ड से सम्मानित किया गया था। 28 मई 2013 को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के हाथों संगीत नाटक अकादमी अवार्ड से सम्मानित किया गया था।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
गुरु जयनारायण सामल का जन्म 28 मई 1934 को सरायकेला में हुआ था।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3baKQ4r
via IFTTT

Comments