(बिनाेद ओझा) बाहर फंसे मजदूराें व अन्य कामगाराें के साथ ही राज्य में रह रहे वैसे परिवार जाे काेराेना की वजह से भुखमरी की कगार पर हैं, इन्हें मदद पहुंचाने के लिए विधायक काेष से 25 लाख रुपए तय किए जाने के बावजूद यह राशि जरूरतमंदाें तक नहीं जा पा रही है। इसमें तीन पेंच सामने आए हैं जिनकी वजह से विधायक चाह कर भी भुगतान नहीं कर पा रहे हैं।
पहला पेंच: विधायक काेष से अनुशंसित राशि का डीसी बिल जमा करने के बाद ही अगली राशि के खर्च की अनुमति दी जा सकती है। अगर डीसी बिल जमा नहीं है ताे राशि खर्च करने पर ट्रेजरी की राेक लग जाती है। अधिकांश जिलाें में डीसी बिल जमा नहीं हाेने से विधायकाें के काेष से खर्च हाेने वाले 25 लाख रुपए में से मजदूराें काे राशि नहीं जा पा रही है।
दूसरा पेंच: जरूरतमंदाें काे मदद के लिए 25 लाख रुपए खर्च करने की जाे अनुमति मिली है, इसमें एक शर्त यह भी है कि राज्य सरकार की किसी अन्य योजना से लाभ प्राप्त कर रहे व्यक्ति को इस योजना का लाभ अनुमान्य नहीं होगा। यहां यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किन याेजनाओं का लाभ प्राप्त करने वाले लाेगाें काे इस लाभ से वंचित रखा जाएगा।
तीसरा पेंच: विधायकाें काे यह समझ नहीं आ रहा है कि वे किसके लिए अनुशंसा करें और किसे छाेड़ दें। यही वजह है कि कई विधायकाें ने 25 लाख की राशि बढ़ाने को कह रह हैं। कुछ विधायकाें काे ताे यह भी कहना है कि विधानसभा क्षेत्र की स्थिति के अनुसार यह राशि तय की जाए क्याेंकि कुछ विस क्षेत्राें के बड़ी संख्या में मजदूर बाहर गए हैं। ऐसे में अधिकांश विधायकाें ने मजदूराें के लिए राशि की अनुशंसा नहीं की है।
क्या कहते हैं विधायक...
विनाेद कुमार सिंह
बाहर में फंसे 1250 लाेगाें काे ही 25 लाख रुपए से सहायता पहुंचा सकते हैं। इसलिए वे फिलहाल इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि सरकार ने जाे एप जारी किया है उससे उनके क्षेत्र के कितने लाेगाे काे लाभ मिल पा रहा है।
बंधु तिर्की
नियमावली बनने के बाद मजदूराें के लिए अनुशंसा करेंगे। अलग-अलग विस क्षेत्राें से दूसरे राज्याें में मजदूरी के लिए गए लोगों की संख्या अलग-अलग है इसलिए इसी अाधार पर विधायक काेष से राशि देने का मामला भी तय हो।
किशुन कुमार दास
जाे स्थिति है उसमें 25 लाख रुपए से कुछ नहीं हाेने वाला। जाे सूची बनी है उसमें सात हजार से ज्यादा लाेग हैं। पंचायत स्तर से यह सूची तैयार कराई गई है। एेसे में अब वे किसे पैसे देने के लिए अनुशंसा करें और किसे छाेड़ें।
डाॅ. लंबाेदर महताे
डीसी बिल जमा न हाे पाने की वजह से मजदूराें का पैसा नहीं जा पा रहा है। 230 मजदूराें के लिए वे अनुशंसा कर चुके हैं और 520 मजदूराें की सूची काे अंतिम रूप दिया जा चुका हैं। उसे डीडीसी काे ईमेल से भेजा जाएगा।
विकास कुमार
अब तक सूची तैयार नहीं है। सूची तैयार करने का काम चल रहा है वे जल्द ही विधायक काेष से बाहर गए मजदूराें व अन्य जरूरतमंद लाेगाें के लिए राशि उपलब्ध कराने के लिए अपनी अनुशंसा भेज देंगे।
विरंची नारायण
200 से ज्यादा लाेगों काे मदद करने के लिए अनुशंसा कर दी है। 500 लाेगाें की सूची अाैर तैयार है। जिसे भेजा जा रहा है लेकिन परेशानी की बात यह है कि यह संख्या 1250 से ज्यादा नहीं हाे पाएगी।
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