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दुर्ग में मिला डेंगू का पहला मरीज आइसोलेशन में रखा, इलाज जारी

दुर्ग के वार्ड-39 में शनिवार काे डेंगू का एक मरीज मिला है। प्राइमरी टेस्ट (रैपिड किट) से इसकी पुष्टि हुई है। जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित मरीज को आइसोलेशन में रख दिया है। इसके साथ ही कंफरमेट्री (एलाइजा) टेस्ट के लिए सैंपल भेजा गया है। शहर में डेंगू का पहला केस संज्ञान में आने के बाद निगम ने संबंधित वार्ड में स्प्रे व फागिंग की गतिविधियां बढ़ा दी है। बुखार के मरीजों को ढूंढने के लिए आस-पास के घरों में सर्वे भी कराया है।

जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. एस के मंडल के मुताबिक रैपिड किट टेस्ट से इसकी जानकारी मिली है। कंफरमेंट्री टेस्ट की रिपोर्ट आने के बाद भी संबंधित मरीज को डेंगू मरीज माना जाएगा। वैसे, रिपोर्ट आने तक मरीज को आइसोलेशन में रख दिया गया है। उसकी हालत ठीक है।अब चिंता की बात ये है कि एक तरफ कोराेना से लड़ने के लिए पूरा अमला लगा हुआ है और दूसरी तरफ डेंगू के मरीज मिलने से प्रशासन के लिए मुश्किल हो गई।

दो साल पहले डेंगू से यहां 50 से ज्यादा मौतें
डेंगू का पहला केस मिलने के बाद अलर्टनेस बढ़ गई है। जिला प्रशासन भी चौकन्ना हो गया है। वजह यह कि दो साल पहले डेंगू के कारण यहां 50 से ज्यादा मौतें हुई थीं। अगस्त से शुरू हुआ इसका सिलसिला जनवरी के बाद खत्म हुआ था। पूरे सीजन में 7 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हुए थे।
कंफरमेंट्री टेस्ट अब भी रायपुर में हो रही
दो साल पहले डेंगू से हुई मौतों के कारण ही यहां उसके एलाइजा जांच की मशीन यहां के जिला अस्पताल में भेजी गई थी, लेकिन आज तक वह नहीं चल पाई है। कंफरमेंट्री टेस्ट के लिए उसका सैंपल आज भी रायपुर भेजना पड़ता है। अभी भी डेंगू के कंफरमेट्री टेस्‍ट के लिए रायपुर सैंपल भेज रहे हैं।

मच्छर भी बढ़े, फॉगिंग का पता नहीं
मच्छरों की रोकथाम को लेकर स्थानीय प्रशासन गंभीर नहीं है। जबकि 15 दिन पहले राज्य शासन द्वारा संक्रामक बीमारियों की रोकथाम को लेकर गाइड जारी की। सभी निकायों को दिशा निर्देश जारी किए गए। बावजूद इसके जिले के निकायों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। अब डेंगू के मरीज सामने आने लगे हैं।

दुर्ग के इन इलाकों में संक्रमण का खतरा
दुर्ग में कचहरी वार्ड के अलावा, कुंदरा पारा, आईएचएसडीपी आवास उरला, अटल आवास बघेरा, पोटिया, कंडरापारा, रेलवे ट्रैक के पास तितुरडीह, कैलाश नगर में संक्रमण का खतरा है।

संक्रमण रोकने भिलाई में अतिरिक्त खर्च भी
दो साल पहले डेंगू के मरीज मिलने के बाद भिलाई में संक्रमण रोकने के लिए अलग से राशि का प्रावधान किया गया था। सफाई के खर्च में तकरीबन 3 से 4 करोड़ रुपए की वृद्धि भी हुई थी।



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The first dengue patient found in the fort kept in isolation, treatment continued


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