मुख्यमंत्री से कारोबारी व उद्योगपतियों की मांग, छत्तीसगढ़ में कोरोना कंट्रोल में, इसलिए उद्योगों को खोलने दें
देश में लॉकडाउन के कारण सारे काम बंद हैं। प्रदेश की फैक्टरी, दुकानें और अन्य संस्थानों पर ताला जड़ा हुआ है। जिले में लगभग 2 हजार से अधिक उद्योग हैं। इसमें 1500 माइक्रो, 500 स्माल और लगभग 20 मीडियम उद्योग हैं। ऐसे में कारोबारियों और विभिन्न औद्योगिक संगठनों व छत्तीसगढ़ लघु एवं सहायक उद्योग संघ के अध्यक्ष हरीश केडिया ने सरकार से राहत की मांग की है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखकर तथा वीडियो कांफ्रेसिंग में उन्होंने 15 अप्रैल से उद्योगों को खोलने की अनुमति देने की मांग की। केडिया ने तर्क दिया कि छत्तीसगढ़ में काेरोना वायरस कंट्रोल में है। 10 में से 9 संक्रमित मरीज स्वस्थ हो गए हैं। इधर काम बंद होने के बाद भी कंपनियों काे कर्मियों को वेतन भविष्य निधि, ईएसआईसी, बिजली बिल, संपत्ति कर तथा जीएसटी का भुगतान करना है। उन्होंने कहा कि ईएमआई में जरूर राहत मिली है, लेकिन इस पर बैंक बाद में ब्याज वसूलेंगे। इसलिए व्यापारियाें, कारोबारियों और उद्योगपतियों के साथ-साथ कंपनियों में काम
करने वाले कर्मचारी और इनके साथ जुडे़ ऑटो रिक्शा, मेटाडोर, कच्चा माल सप्लाई करने वाले, हमाल, रिक्शा चालक सहित अन्य लोग परेशान हैं।
घाटे से उबरने में एक साल लगेगा
चेंबर ऑफ कामर्स के अध्यक्ष रामअवतार अग्रवाल ने कहा कि लॉकडाउन खुलने का इंतजार किया जा रहा है। 90 प्रतिशत दुकानें बंद हैं। इस घाटे से उबरने कम से कम एक साल लगेगा। इस कारण सरकार से मांग की गई है कि जीएसटी पर लगने वाली पेनाल्टी तीन महीने नहीं ली जाए। वहीं छह महीने तक कर्मियों की भविष्य निधि सरकार दे। बिजली बिल का सरचार्ज नहीं लिया जाए।
ब्यूटी पार्लर उद्यमी को डबल नुकसान
महिला उद्यमी आधारित फैमिली सैलून एंड एकेडमी की सायमा खोखर ने कहा कि मार्च-अप्रैल ही ब्यूटी पार्लर का मुख्य कार्य होता है। इसी समय शादियां होती हैं और छुट्टियों के बाद बच्चियां पार्लर का काेर्स करने आती हैं। ये दोनों इस समय बंद हैं। अब जो शादियों से कमाई इस समय होनी थी, वह नवंबर में चली गई हैं। ऐसे में महिला उद्यमी को डबल नुकसान हुआ है।
एक वर्ष बिजली की दर यथावत रखें
{राज्य विद्युत नियामक आयोग एक वर्ष बिजली की दर यथावत रखे। वितरण व्यवस्था में सुधार करके एवं गैरजरूरी खर्चों में कटौती करके बिजली कंपनी को मुनाफे में लाया जा सकता है।
{30 जून 2020 तक समाप्त माह के बिजली बिल पर पेनाल्टी, सरचार्ज नहीं लगाया जाए। भुगतान तिथि को एक माह के लिए बढ़ाया जाए।
{वर्तमान में बिजली बिल वास्तविक खपत के आधार पर लिया जाए। महाराष्ट्र राज्य विद्युत मंडल एवं गुजरात राज्य विद्युत मंडल, उत्तरप्रदेश राज्य सहित अनेक राज्यों ने भी इसके आदेश किए हैं।
{लघु उद्योगों को जीवित रखने छत्तीसगढ़ के 10 लाख मजदूरों के जीवनयापन को सुगम बनाने के लिए राहत पैकेज दिया जाए।
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