दो माह पहले मस्तूरी में 17 वर्षी युवक पर चाकू से हमला किया गया। कुछ दिन तक उसके परिजन प्राथमिक उपचार कराते रहे जिससे युवक की हालत ठीक हो गई। लेकिन 3 दिन पहले युवक की हालत ऐसी बिगड़ी कि उसकी जान पर बन आई। मस्तूरी के स्वास्थ्य केंद्र में जब युवक की हालत ठीक नहीं हुई तो उसे सिम्स रेफर कर दिया गया। युवक को लगातार उल्टियां हो रही थीं और छाती व पेट में तेज दर्द था। शनिवार काे युवक सिम्स पहुंचा तो उसकी प्रारंभिक जांच करवाई गई जिसमें कुछ पता नहीं चल सका। डॉक्टरों ने सीटी स्केन करवाया तब पता चला कि युवक के छाती व पेट के बीच गहरा छेद है जिससे पेट के अंग छाती में आ गए हैं। डॉक्टरों ने रविवार की रात ही युवक का ऑपरेशन किया। हालत अभी भी नाजुक है।
दायीं तरफ के अंग बायीं तरफ से कर रहे थे काम
जिस युवक का ऑपरेशन किया उसकी हालत बहुत गंभीर थी। वह तो समय रहते सीटी स्केन करा ली जिससे स्थिति का पता चल सका। युवक के पेट व छाती के बीच छेद था। पेट के अंग छाती में पहुंच गए थे इस कारण दायी तरफ जो अंग होते हैं वह बांयी तरफ से पहुंच गए थे जिससे युवक को सांस लेने में परेशानी हो रही थी। उसकी एक-एक सांस भारी पड़ रही थी और उल्टियां भी रुकने का नाम नहीं ले रही थीं। सीनियर सर्जन डा. केएन चौधरी ने जब ओपीडी में युवक की जांच की थी तब उन्होंने बता भी दिया था कि हालत गंभीर है इसलिए विशेष ध्यान रखना। हमने टीम के साथ डिस्कस किया और रविवार की रात 10:30 बजे से ऑपरेशन करना प्रारंभ कर दिया। युवक के पेट व छाती के दो अलग-अलग ऑपरेशन किए गए जिससे जो अंग जहां होता है वहां फिट किया गया। ऑपरेशन रात के 2:30 बजे तक चला। ऑपरेशन के दौरान पेट व छाती में इंडिकेटर भी लगाए हैं जिससे उसकी पल-पल की स्थिति के बारे में पता चलता रहेगा। यह बहुत जटिल ऑपरेशन था। अगर कोई बुजुर्ग होता तो शायद नहीं बचता। युवक की हालत भी गंभीर है और उसे गहन निगरानी में रखा गया है। देखिए क्या होता है?-डाॅ. बृजेश पटेल, सर्जन, सिम्स
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