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भास्कर अपील: कोरोना के योद्धाओं से सहयोग करें, वे आपकी मदद करने आते हैं, नुकसान पहुंचाने नहीं


फरीदनगर में जिन स्वास्थ्य कर्मियों के साथ बदसलूकी हुई दरअसल वे तमाम भय और आशंकाओं के बीच एक योद्धा की तरह लोगों की मदद करने पहुंचे थे। उनकी गुहार पर जब पुलिस पहुंची तो उनके साथ भी बदसलूकी हुई। वे भी उन योद्धाओं में शामिल हैं जो कोरोना नामक विश्वव्यापी महामारी से लोगों को बचाना चाहते हैं। इस मामले में दुर्ग एसएसपी अजय यादव का कहना है कि इसकी जानकारी टीआई सुपेला और स्वास्थ्य विभाग से मांगी है। बता दें कि तीन घंटे तक लोगों ने दोनों महिला कर्मियों काे धमकाया। लोग आरोप लगा रहे थे कि एनआरसी जांच हो रही है।

तीन घंटे तक लोगों ने हमें घेरे रखा

स्वास्थकर्मी के मुताबिक, तीन घंटे दहशत का माहौल बन गया था। इधर-उधर की बातें करके युवक डरा रहे थे। ऐसा लग रहा था किसी भी वक्त घेराबंदी करने वाले मारपीट कर देंगें। यह पहली बार हुआ है जब लोगों ने विवाद किया है। जबकि इसके पहले नेहरु नगर पश्चिम,खुर्सीपार,हुडको के साथ फरीद नगर में सर्वे कर चुके हैं। एक दिन में 50 से 60 घरों का सर्वे करके जानकारी जुटाते है। टिका करण करने में भी ड्यूटी लगती है। लेकिन कभी ऐसा नहीं हुआ है। इसकी शिकायत कर दी है।

रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी...



पुलिस की तरह लोगों ने रौब झाड़ा, भागने की धमकी देने लगा...मोबाइल छिन न लें इसलिए निकाला नहीं: महिला स्वास्थ्य कर्मी


मैं और एक अन्य महिला स्वास्थ कर्मचारी सुबह करीब 10.30 बजे सुपेला इलाके के फरीद नगर में सर्वे करने गए थे। नेशनल पब्लिक स्कूल के पास न्यू कृष्णा नगर पहुंचे थे। हम दोनों के साथ एक शिक्षक की ड्यूटी भी लगी थी। लेकिन वह लेट पहुंचे थे। सुपेला में सऊदी से लौटने वाले युवक शहजाद को होम आइसोलेशन में रखा गया है। उसके आसपास के 50 घरों में सर्वे करना था। घरों में रहने वालों की पूरी जानकारी जुटानी थी। कुछ ही घरों के लोगों से बात हो पाई थी। इसी दौरान बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं और बुजुर्गों हमारे पास आ गए। लॉकडाउन में इलाके में पहुंचने पर सवाल-जबाव करने लगे। पुलिस की तरह रौब दिखाकर धमकाने लगे। बड़ी संख्या में लोगों के देखकर मैं और मेरी सहेली डर गए। रहवासी एनआरसी डेटा कलेक्शन करने का आरोप लगाने लगे। उन्हें स्वास्थ विभाग का कार्ड दिखाया तो भी नहीं मान रहे थे। फोन निकालने में भी डर लग रहा था। ऐसे लग रहा था कहीं मोबाइल ना छीन लें। हिम्मत करके डायल 112 में फोन लगाकर सूचना दी। कुछ पलों में पुलिस की गाड़ी आ गई। पुलिस के जाने के बाद दोबारा रहवासी बदसलूकी करने लगे। अपशब्दों का प्रयोग करके धमकाने लगे। करीब तीन घंटे बाद वहां से लौटकर घर आ गए। शहर के बाकी जगहों पर भी सर्वे करने गए लेकिन यहीं हमारे साथ बदसलूकी हुई।

क्वारेंटाइन सेंटर में जमातियों ने किया विवाद: मिनरल वॉटर और पंखे के नाम पर कमरे में फैला दिया जूठन

हेल्थ रिपोर्टर | भिलाई

दिल्ली मरकज से लौटने के कारण सेक्टर-3 के क्वारेंटाइन सेंटर में रखे गए 3 जमातियों ने हंगामा खड़ा कर दिया। तत्काल मिनरल वॉटर नहीं मिलने के कारण खाना खाने से मना करने वाले युवा जमाती ने समझाइश के बाद खाना तो खा लिया, लेकिन गुस्से में जूठन वॉश रूम में फैला दी। इसे देखकर यहां रखे गए दूसरे जमाती भी हंगामा करने लगे। एक ने कमरे का पंखा धीरे चलना बताते हुए हो हल्ला करने लगा तो दूसरे ने फिमेल वॉश रूम की कुंडी अंदर से नहीं लगाना बताते हुए विवाद करने लगा। आॅन ड्यूटी स्टॉफ को पुलिस बुलानी पड़ी।

सभी सहयोग करेंगे, सेंटर में व्यवस्था ठीक है:खान

छग जमीयत उलेमा, हिन्द व छग तब्लीगी जमात के संयोजक मो. फिरोज खान ने कहा, क्वारेंटाइन सेंटर में विवाद जैसी कोई बात नहीं है। वहां सभी व्यवस्था बेहतरह है। जमात के लोग सहयोग कर रहे हैं। सुपेला में दिल्ली से लौटे छात्र का जमात से कोई संबंध नहीं है। वह ठीक है।

सोमवार को पुलिस मोबाइल भी ले गई थी

टीआई भूषण एक्का क्वारेंटाइन सेंटर में रहने वाले सभी संभावितों को मोबाइल शाम को ले गए थे। सबके हैंड सेट को अपनी कस्टडी में ले से पहले उसने सब मे ठीक से दवाई छिड़का था। करीब आधा घंटे बाद वह दोबारा सेंटर पहुंची। मोबाइल अपनी कस्टडी में ली थी, सबको लौटा दिया।

(जैसा की घटना के बाद एएनएम ने दैनिक भास्कर को बताया)



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