(रामप्रताप सिंह) 20 अप्रैल से कई चीजों में छूट का इंतजार लोग कर रहे हैं। ऐसे में उद्योग और उससे जुड़े लोग भी इंडस्ट्री खोलने की तैयारी में जुट गए हैं। जिले के ग्रामीण इलाकों की फैक्ट्रियां खुलेंगी। वहां आस-पास रहने वाले या फैक्ट्री में रहने वाले मजदूर ही काम करेंगे। इंडस्ट्री शुरु करने से पहले पूरे क्षेत्र को सेनेटाइज किया जाएगा एवं सभी मजदूरों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने शिफ्ट में मजदूरों को काम पर लगाने की व्यवस्था भी बनाई जाएगी।
छत्तीसगढ़ लघु एवं सहायक उद्योग संघ के अध्यक्ष हरीश केडिया ने बताया कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार के निर्देश के अनुसार ग्रामीण इलाके की इंडस्ट्री खुल सकती है। बिलासपुर में सोमवार से तिफरा, सिरगिट्टी और सिलपहरी के लगभग 1000 हजार छोटे-बड़े उद्योग शुरू हो जाएंगे। यह भी निर्णय लिया गया है कि इंडस्ट्री में काम के लिए उन मजदूरों को ही रखा जाएगा, जो फैक्ट्री में रहता है या फिर इसके आस-पास। इसके अलावा जिन मजदूरों को काम पर लगाया जाएगा। जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि इंडस्ट्री चालू होने पर 50 प्रतिशत ही उत्पादन होगा।
बिजली बिल का अधिभार माफ करें
उद्योग संघ और व्यापारियों का कहना है कि लॉकडाउन में बिजनेस नहीं चल रहा है। मजदूरों का पेमेंट कर रहे हैं। ऐसे में बिजली बिल भी पूरा भरना पड़ रहा है। इससे ज्यादा परेशानी हो रही है। राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा विद्युत दर में प्रस्तावित वृद्धि विचार को एक वर्ष के लिए स्थगित किया जाए और दर को पूर्ववत रखा जाए। 30 जून 2020 तक समाप्त माह का विद्युत भुगतान बिल के भुगतान में होने वाले विलंब पर पेनाल्टी, सरचार्ज नहीं लगाया जाए। सभी माह के भुगतान तिथि को एक-एक माह के लिए बढ़ाया जाए। वर्तमान में बिजली बिल फिक्स चार्ज बिलिंग सिस्टम स्थगित करके वास्तविक खपत पर भुगतान लिया जाए। सरकार बिजली बिल में उद्योगों को लाभ पहुंचाए।
मजदूरों के काम करने की संख्या बढ़ाना चाहिए: अग्रवाल
चेंबर ऑफ काॅमर्स के अध्यक्ष राम अवतार अग्रवाल ने कहा कि सरकार ने उद्योगों में 40 प्रतिशत मजदूरों के काम कराने की अनुमति दी है। इससे उत्पादन नहीं हो पाएगा। ये मजदूर केवल फैक्ट्रियों का मेंटेनेंस ही कर पाएंगे। ऑनलाइन बिजनेस शुरू करने की प्रक्रिया सही नहीं है। इससे विदेश के लोगों को फायदा होगा। स्थानीय लोगों के रोजगार चले जाएंगे। हालांकि इसे चालू करने के पहले सरकार से परमिशन लेना है। अभी तक प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है।
कपड़ा व्यापार 3 मई के बाद खुलेगा
थोक कपड़ा संघ के अध्यक्ष किशोर पंजवानी ने कहा कि लॉकडाउन से 100 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ है। सीजन के हिसाब से कपड़े मंगा लिए गए थे। दुकानें बंद होने के बाद भी यहां काम कर रहे लगभग 650 लोगों को 39 से 40 लाख रुपए का भुगतान किया जा रहा है। वैसे तो 3 मई के बाद व्यापार शुरू होगा। खुलने के दो महीने के बाद भी व्यापार ठंडा रहेगा। सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष राजू सलूजा ने कहा कि लगभग 70 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। 350 से अधिक सराफा दुकानें हैं, 4 हजार से ज्यादा लोगों का रोजगार जुड़ा है। लगभग 2 करोड़ रुपए महीने का इनका वेतन है।
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