21 अप्रैल यानी मंगलवार से सब्जी, फल, अनाज, मांस, खाद, उर्वरक, पशु चारा, मछली चारा, डेलीनीड्स, किराना, आटा चक्की, मोबाइल रिचार्ज और चश्मा दुकान सुबह नौ बजे से दोपहर 4 बजे तक खुलेंगे। 27 मार्च से ये सुबह सात बजे से दोपहर 12 बजे तक खोले जा रहे थे। प्रशासन ने महज दो घंटे की छूट बढ़ाई है। पहले पांच घंटे दुकानें खुल रही थी और अब सात घंटे खुलेंगी। वहीं मिल्क पार्लर सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक खुलेंगे। इनकी टाइमिंग ज्यादा बढ़ाई गई है। अब तक सुबह 7 से 9 और शाम को 5 से 6 बजे तक ये खुल रहे थे।
जिला प्रशासन ने राज्य शासन से आए गाइडलाइन को आधार बनाते हुए 21 अप्रैल से कुछ सुविधाएं शुरू होने की जानकारी दी है और वहीं पहले से चल रही सेवाओं में कुछ रियायतें दी गई है। सब्जी बाजार अब सुबह नौ बजे से लेकर सायं चार बजे तक चालू रहेंगे। ऐसे ही फल, अनाज की मंडियों व बाजारों में भी होगा। मोबाइल दुकान नहीं खुल रहे थे लेकिन ये मंगलवार से सुबह सात बजे से सायं 4 बजे तक खोले जा सकेंगे। लेकिन इन सभी दुकानों में पहले की तरह ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। चिड़ियाघर और नर्सरी भी खुलेगी।
ये सुविधाएं भी आजसे हो रही शुरू
ई कामर्स कंपनियों को पास के आधार पर संचालन की अनुमति होगी। इसके अलावा आईटी व इससे जुड़ी सेवा 50 फीसदी उपस्थिति के साथ, शासकीय गतिविधियों के डाटा व काल सेंटर, ग्राम पंचायतों में सीएससी केंद्र, कुरियर सेवाएं, कोल्ड स्टोरेज, भंडार गृह, कंटेनर डिपो, उत्पाद ईकाईयां, निजी सुरक्षा सेवाएं, आवश्यक सेवा वाले स्टाफ, फंसे लोग, पर्यटकों के लिए होटल, लॉज व मोटल।
चारपहिया वाहन में दो दोपहिया में एक सवारी
चारपहिया वाहन में दो तो दोपहिया में एक सवारी बैठने की अनुमति होगी। यानी इसमें छूट नहीं दी गई है। छूट प्राप्त श्रेणियों व अनुमति प्राप्त क्षेत्र के व्यक्तियों को प्रशासन द्वारा निर्देशित कार्यस्थल से निवास तक परिवहन की अनुमति होगी। बाहर से आने वाले श्रमिक वाहनों में 30-40 फीसदी से अधिक नहीं बैठ सकेंगे। सभी कामगारों का चिकित्सा बीमा अनिवार्य रूप से कराना होगा।
औद्योगिक क्षेत्र में उत्पादन सोशल डिस्टेंसिंग के साथ
ग्रामीण क्षेत्र के उद्योगों को संचालन की अनुमति होगी। औद्योगिक क्षेत्र के ऐसे उद्योग जो अपने परिसर या आसपास श्रमिकों को रखने का इंतजाम करेंगे। वे उत्पादन शुरू कर सकेंगे। इन श्रमिकों के आने-जाने की व्यवस्था उद्योगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों की खाद्य प्रसंस्करण इकाई, सप्लाई चेन वाले उद्योग, आईटी हार्डवेयर इकाई, पैकेजिंग मटेरियल बनाने वाली फैक्ट्री, ग्रामीण क्षेत्र में स्थित ईंट भट्ठे, ये सभी सुबह नौ बजे से सायं चार बजे तक संचालित किए जा सकेंगे।
जानिए कौन-कौन दुकानें कब से कब तक खुलेंगी
- सभी मंडियां, दुकान, ठेले (सब्जी, फल, अनाज, चिकन, मटन)- सुबह 9 बजे से सायं 4 बजे
- डेली नीड्स, आटा चक्की, किराना, मोबाइल रिचार्ज दुकानें, चश्मा दुकानें- सुबह 9 बजे से सायं 4 बजे
- कृषि मशीनरी, विक्रय एवं स्पेयर पार्ट्स की दुकानें, खाद, उर्वरक कीटनाशक, बीज विक्रय, पशु, मछली चारा दुकान - सुबह 9 बजे से सायं 4 बजे
- मिल्क पॉर्लर सुबह- 7 बजे से शाम 7 बजे
- इलेक्ट्रिशयन, मोटर मैकेनिक, आईटी रिपेयर, बढ़ई की सेवाएं- सुबह 9 बजे से सायं 4 बजे
- सभी बैंक- सुबह 10 से सांय 4 बजे
- ग्रामीण क्षेत्र में भवन निर्माण, जल प्रदाय, सिंचाई परियोजना, सड़क निर्माण, विद्युत ट्रांसमिशन लाइन निर्माण- सुबह 9 बजे से सायं 4 बजे
- सीमेंट, स्टील, शक्कर, फर्टिलाइजर व खान को छोड़कर अन्य उद्योग-सुबह 9 बजे से सायं 4 बजे
- मनरेगा, पेट्रोल, डीजल, मिट्टी तेल, एलपीजी- समय का जिक्र नहीं
साइट में श्रमिक होने पर ही शहरी क्षेत्र की योजनाओं पर काम चालू हो सकेंगे: नगरीय निकायों की सीमा के भीतर निर्माण योजनाएं जहां पर श्रमिक साइट पर उपलब्ध हो, बाहर से लाने की आवश्यकता न हो, वहां सुबह नौ से शाम चार बजे तक काम होगा। ग्रामीण इलाके में सड़क निर्माण, सिंचाई परियोजना, भवन निर्माण, जल प्रदाय एवं स्वच्छता, विद्युत ट्रांसमिशन लाइनों का निर्माण, दूर संचार के लिए आप्टिकल फाइबर व केबल डालने जैसे कार्य की अनुमति सुबह नौ से सायं 4 बजे होगी।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2VHt56c
via
Comments
Post a Comment