लॉकडाउन-2.0 के बीच एंबुलेंस की आड़ मंें ही एक शख्स मुनाफा कमाने की कोशिश में लगा था। वह सवारियां भर रहा था लेकिन बुधवार को वसंतकुंज साउथ इलाके में उसका भेद खुल गया। दिल्ली गुडगांव एनएच 8 बाॅर्डर पर एंबुलेंस में काफी संख्या में लोगों को बैठा देख पुलिस ने इस वाहन को चेकिंग के लिए रुकवा लिया। एंबुलेंस में कोई मरीज तो नहीं मिला लेकिन इस ड्राइवर की चालाकी जरूर उजागर हो गई। पता चला वह आठ लोगों को आईएमटी मानसेर हरियाणा से यूपी के बस्ती जिला छोड़ने के लिए जा रहा था।
एंबुलेंस को देख पुलिस ने उसे रोका नहीं, जिस वजह से वह यहां तक आ गया था। इन लोगों को गंतव्य तक पहुंचाने का सौदा 16 हजार रुपए में तय हुआ था। वसंतकुंज साउथ थानाध्यक्ष संजीव कुमार की टीम बुधवार को गुडगांव से दिल्ली की ओर आने वाले एनएच 8 रजौकरी बार्डर पर पीकेट चैकिंग कर रही थी। तभी वहां यूपी नंबर की एक एंबुलेंस को गुजरते देख पुलिस ने उसे रोक लिया। क्योंकि एंबुलेंस में अमूमन किसी मरीज के साथ दो तीन लोग ही सवार होते हैं लेकिन इस गाड़ी में लोग भरे हुए थे। संदेह होने पर पुलिस ने ड्राइवर और अन्य लोगों से बात की तो पता चला इनमें सवार कोई शख्स बीमार नहीं है। ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया, जबकि बाकी आठ लोगों को शैल्टर होम में भेज दिया गया है। आरोपी का नाम कृष्ण कुमार है।
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