प्रदेश में कटघोरा को छोड़कर कहीं भी रैपिड किट से जांच शुरू नहीं हो पाई है। दूसरी ओर इंडियन काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने राजस्थान सरकार की आपत्ति के बाद छत्तीसगढ़ समेत देशभर में जांच पर दो दिन रोक लगा दी है। प्रदेश में बुधवार को 75 हजार रैपिड किट पहुंचने की संभावना है। किट को छत्तीसगढ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन (सीजीएमएससी) के गोदाम में रखा जाएगा। इसे किन जिलों में भेजना है, अभी तय नहीं है। हालांकि आईसीएमआर के अनुसार जांच के लिए गाइडलाइन बना ली गई है।
कटघोरा में 2000 रैपिड किट भेजी गई थी। इनमें से भी करीब 400 किट से ही जांच हुई है, बाकी रखी हैं। शासन ने सीजीएमएससी के माध्यम से रैपिड किट के लिए टेंडर किया गया था। 377 रुपए प्रति किट का टेंडर फाइनल हो गया है। दरअसल रैपिड किट से रैंडम जांच होगी और आधे घंटे में रिपोर्ट आ जाएगी। इसलिए रैपिड किट से ज्यादा से ज्यादा लोगोंकी जांच हो पाएगी। दरअसल प्रदेश में एक लाख लोग हाेम क्वारेंटाइन पर थे, जिसमें 40 हजार से अधिक लोगों का क्वारेंटाइन पूरा हो चुका है।
इन लोगों की जांच रैपिड किट से की जाएगी। इनमें कटघोरा के अलावा आसपास के गांव, बाकी जिले जहां मरीज मिले हैं, वहां संपर्क में आए लोगों की जांच होगी। प्रदेश में अभी तक केवल 36 मरीज मिले हैं। आईसीएमआर की गाइडलाइन के अनुसार सैंपल पर्याप्त लिए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि राजस्थान में रिपोर्ट खराब आने का कारण संबंधित बैच की किट खराब हाेने की आशंका है।
जो मार्च में कहीं भी गए होंगे अब होगी उन सबकी जांच
गांवाें में संदिग्ध मरीजों की जांच की जाएगी। सैंपलों की संख्या बढ़ाने व संदिग्ध लोगों की जांच का दायरा बढ़ाने के लिए यह कवायद की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार जिन लोगों के सैंपल लिए जाएंगे, इसके लिए कुछ गाइडलाइन बनाई गई है। जैसे कोई विदेश या दूसरे राज्य से यात्रा कर लौटे। राजधानी से काफी लोग होली मनाने देश के अलग-अलग हिस्से में गए औल लौटे। अगर इनमें सर्दी-बुखार के लक्षण नहीं भी होंगे, तो भी सैंपल लिए जाएंगे। दरअसल विदेश से लौटने वाले कई लोगों ने इसकी जानकारी छिपाई थी। यही नहीं कई लोग विदेश से लौटने के बाद भी दिल्ली, मुंबई व नागपुर से सड़क मार्ग से अपने गांव पहुंचे थे। तब लॉकडाउन नहीं था और प्रदेश की सीमाएं भी सील नहीं थी। इसलिए इस बात की आशंका बढ़ गई है कि कहीं ये संदिग्ध कोरोना के मरीज तो नहीं।
मेडिकल काॅलेज नहीं एम्स में पूल टेस्टिंग
पं. जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के वायरोलॉजी लैब में पूल टेस्टिंग शुरू नहीं हो पाई है। वहां सैंपल मिक्स वाला नहीं आया। इसलिए अब एम्स में पूल टेस्टिंग की जा रही है। इसमें भी रिपोर्ट नेगेटिव आ रही है। नेहरू मेडिकल कॉलेज में पिछले आठ दिनों में 700 सैंपलों की जांच हो चुकी है। सभी रिपोर्ट नेगेटिव आई है।
रैपिट किट बुधवार को आ जाएगी। किट किन जिलों में भेजी जानी है, यह स्वास्थ्य विभाग तय करेगा। वहां से लिस्ट आते ही किट भेजी जाएगी।- भुवनेश यादव, एमडी सीजीएमएससी
रैपिड किट से किन जिलों में जांच होनी है, अभी तय किया जाएगा। फिलहाल केवल कटघोरा में कुछ सैंपलों की जांच की गई है। -डॉ. अखिलेश त्रिपाठी, मीडिया प्रभारी कोरोना सेल
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3cwAn3s
via
Comments
Post a Comment