कानन पेंडारी चिड़ियाघर में फिर एक वन्यप्राणी की मौत हो गई। सोमवार को मादा चीतल ने दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के बाद कानन प्रबंधन ने चीतल के शव को चिड़ियाघर के अंदर जलाया। पोस्टमार्टम में पता चला कि उम्र पूरी होना यानी वृद्धावस्था के कारण चीतल की मौत हुई है। चीतल की उम्र 12 साल बताई जा रही है। बता दें कि तीन साल में 44 वन्यप्राणियों की माैत हाे चुकी है। इधर तीन महीने में 13 वन्यप्राणियों की मौत हो चुकी है। हाल ही में 20 मार्च को सुबह इलाज के अभाव में मादा नीलगाय की मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण उम्र पूरी होना यानी वृद्धावस्था बताया गया था, जबकि नीलगाय पांच दिन से बीमार थी। उसे चिड़ियाघर के अस्पताल में रखा गया था। ड्रिप लगाई गई थी लेकिन उसकी जान नहीं बच पाई। इससे पहले भी इलाज के अभाव में अनेक वन्यप्राणियों की मौत हो चुकी है। उसमें मादा भालू और बाहर से आया गिद्ध भी शामिल है।
मेयर पहुंचे कानन जू
कानन पेंडारी चिड़िया घर में चीतल की मौत की खबर मिलने पर मेयर रामशरण यादव और सभापति शेख नजीरुद्दीन ने सोमवार को जू का जायजा लिया तथा अधिकारियों से बातचीत की। मेयर ने पूरे जू को सेनेटाइज करने के लिए मंगलवार का दिन निश्चित किया है। निगम अमला जू के संवेदनशील क्षेत्रों तथा वन्यप्राणियों के केज के आस पास दिन भर सेनेटाइजेशन का काम करेंगे ताकि वन्यप्राणियों पर कोरोना के घातक वायरस के संक्रमण की आशंका समाप्त की जा सके।
जंगल में नहीं कर पा रहे शिफ्ट
मृत चीतल
कानन में जरूरत से ज्यादा चीतल हैं इन्हें जंगल शिफ्ट करने के लिए सीजेडए से अनुमति मिल चुकी है लेकिन प्रबंधन फंड नहीं होने का बहाना बनाकर इन्हें जंगल में शिफ्ट नहीं कर पा रहा है। इससे पहले आपसी झगड़े के कारण कई चीतलों और कोटरी की मौत हो चुकी है। इसके बाद भी इन्हें जंगल नहीं भेजा गया। इसकी संख्या 125 से ज्यादा है, जबकि रखना सिर्फ 50 है।
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