लॉकडाउन के दौरान प्रदेश के लोगों को हुई आर्थिक क्षति के लिए सीएम भूपेश बघेल ने पीएम नरेंद्र मोदी से तीन माह में 30 हजार करोड़ का राहत पैकेज मांगा है। उन्होंने दस हजार करोड़ तत्काल देने की मांग की है, जिससे उद्योग, व्यवसाय, सेवा व कृषि क्षेत्र को मदद दी जा सके। छत्तीसगढ़ में पारा लगातार 40 डिग्री के करीब है। गर्मी को ध्यान में रखकर सीएम ने एसी-फ्रिज व कूलर के शोरूम खोलने की भी अनुमति मांगी है। वहीं दूध उत्पादकों के लिए मिठाई की दुकानें खोलने की भी मांग की है। इधर, प्रदेश सरकार ने मंगलवार को ट्रांसपोर्टनगर के पास के ढाबे व होटल खोलने की अनुमति दे दी है। हालांकि ढाबे-होटल में सिर्फ पार्सल की सुविधा मिलेगी। ट्रांसपोर्टनगर में ट्रक मेंटेनेंस की दुकानें खोली जा सकेंगी। इसी तरह पंजीयन दफ्तर और शराब दुकानें 28 अप्रैल तक बंद करने का निर्णय लिया गया है। इसी तरह रायपुर समेत जिले में 22 अप्रैल से सभी पेट्रोल पंप सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक खुले रहेंगे।
इससे पहले सीएम भूपेश ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ में कोरोना के नियंत्रित स्थिति के मद्देनजर आंशिक राजस्व प्राप्ति के लिए आर्थिक गतिविधियों के संचालन की छूट देने की मांग की है। भूपेश ने लिखा है कि मिठाई दुकानों के संचालन की छूट दी जाए, जिससे दुग्ध उत्पादक कृषकों का दूध बिकना संभव हो सके। संपत्तियों के क्रय-विक्रय के पंजीयन की छूट सहित वाहनों के शोरूम का संचालन व पंजीयन, शहरों में निर्माण कार्यों के संचालन, गर्मी को देखते हुए एयर कंडिशनर, कूलर व फ्रिज के शोरूम के संचालन के साथ ही सभी तरह के रिपेयरिंग कार्य और सभी ग्रीन जिलों में रीटेल कार्य खोलना उचित होगा। शेष|पेज 5
प्रदेश की कमाई हो गई शून्य
सीएम ने पीएम को पत्र में लिखा है कि लॉकडाउन की लंबी अवधि के कारण राजस्व प्राप्ति शून्य हो गई है। केन्द्रीय करों में से मिलने वाली राशि में भी बड़ी कमी होना निश्चित है। दूसरी ओर राज्य के 56 लाख गरीब व जरूरतमंद परिवारों के जीवनयापन के लिए राज्य सरकार को अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता पड़ रही है। यदि आर्थिक गतिविधियों के संचालन की तत्काल अनुमति नहीं दी जाती तो राज्य के सामान्य कामकाज का संचालन संभव नहीं हो सकेगा।
36 में से 25 मरीज स्वस्थ हुए
सीएम ने बताया है कि प्रदेश में 36 कोरोना संक्रमित मरीजों में से 25 स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं। 11 का उपचार जारी है। सभी के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है। राज्य में प्रतिदिन करीब 400 व्यक्तियों का टेस्ट किया जा रहा है। पिछले 5 दिनों में कोई भी कोरोना संक्रमित नहीं पाया गया है। 28 में से 23 जिलों में एक भी व्यक्ति संक्रमित नहीं पाया गया है। जबकि 4 जिलों, जहां 8 संक्रमित मिले थे, वहां 3 सप्ताह में कोई प्रकरण सामने नहीं आया है। एकमात्र जिले के 11 संक्रमितों का इलाज जारी है।
राहत : कटघाेरा के एक औरमरीज की एम्स से छुट्टी, अब तक 26 स्वस्थ, 10 का चल रहा इलाज; 526 संदिग्धों की भी रिपोर्ट निगेटिव
रायपुर/कोरबा|कटघोरा के एक और कोरोना पीड़ित मरीज को स्वस्थ होने के बाद मंगलवार की शाम एम्स से छुट्टी दे दी गई। इस बीच पिछले पांच दिनों से एक भी नया मरीज नहीं आया है। अस्पताल से स्वस्थ्य होने वाले 35 वर्षीय मरीज को अब क्वारेंटाइन में रखकर स्वास्थ्य पर नजर रखी जाएगी। अब तक कटघोरा के 17 मरीज स्वस्थ होकर क्वारेंटाइन में जा चुके हैं। जबकि प्रदेश के कुल 26 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। एम्स में फिलहाल 10 मरीजों का इलाज चल रहा है। 18 अप्रैल को कटघोरा के 73 वर्षीय बुजुर्ग को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किया गया था। शेष|पेज 5
वे प्रदेश के अब तक के सबसे उम्रदराज मरीज हैं, जो कोरोना पीड़ित होने के बाद स्वस्थ्य हो गए। इनके पहले रामनगर रायपुर के 68 वर्षीय बुजुर्ग केवल छह दिनों में स्वस्थ हुए थे। दूसरी ओर प्रदेश में मंगलवार तक 8272 सैंपलों में 7555 की रिपोर्ट निगेटिव आई है। जबकि 681 सैंपलों की जांच एम्स, मेडिकल कॉलेज रायपुर व जगदलपुर में चल रही है। इस बीच राहत की खबर ये भी है कि मंगलवार को 526 मरीजों की रिपोर्ट जारी की गई। सभी निगेटिव निकली यानी किसी भी मरीज में कोरोना वायरस नहीं मिला है।
वहीं कटघोरा से 294 लोगों के सैंपल की रिपोर्ट आनी बाकी है। इसके बाद रायपुर संभाग से 109, दुर्ग संभाग से 69, सरगुजा संभाग से केवल पांच व बस्तर संभाग से तीन सैंपलों की जांच चल रही है।
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