प्रदेश में कोराेना का हॉट स्पॉट बन चुके कटघोरा से मंगलवार को फिर दो नए मरीज मिल गए हैं। इनमें एक महिला और एक पुरुष है। इन्हें मिलाकर अब कटघोरा में मरीजों की संख्या 24 हो गई है, जबकि पूरे प्रदेश में कोरोना पाजिटिव की संख्या 33 है। इधर, कटघोरा से ही हफ्तेभर पहले भर्ती किए गए मरीजों में 3 को एम्स से मंगलवार को छुट्टी दे दी गई। तीनों की रिपोर्ट निगेटिव अाई हैं। अब एम्स में 20 मरीजों का इलाज चल रहा है और सभी कटघोरा के हैं। वहां के 292 सैंपल की जांच अभी चल रही है, जिनकी रिपोर्ट बुधवार को आएगी। वहीं रायपुर में तीन दिन में पुलिस ने 15 लोगों को मास्क के बिना सड़कों पर घूमते पकड़ा और जेल भेज दिया।
कटघोरा के लोगों में संक्रमण 16 साल के एक बालक के संपर्क में अाने के कारण फैला। वह तब्लीगी जमात के संपर्क में आया था। हालांकि बालक समेत कटघोरा के चार लोग स्वस्थ होकर क्वारेंटाइन में भेज दिए गए हैं। मंगलवार को जिन मरीजों की रिपोर्ट पॉजीटिव आई है, उनके सैंपल 12 अप्रैल को लाया गया था। विशेषज्ञाें के अनुसार कटघोरा से और नए मरीज आ सकते हैं। प्रदेश में 4821 संदिग्धों के सैंपल लिए गए हैं, जिसमें 4319 रिपोर्ट निगेटिव मिली है। मंगलवार को 352 सैंपलों की रिपोर्ट आई है, जिसमें दो पॉजीटिव व बाकी निगेटिव रहे। वहीं 469 सैंपलों की जांच चल रही है। कटघोरा में कोरोना का पहला केस 4 अप्रैल को आया था। इसके बाद 23 केस और मिल चुके हैं। सोमवार को छोड़कर शनिवार, रविवार व मंगलवार को नए केस आए। स्वास्थ्य विभाग की टीम वार्ड कटघोरा के 10 व 11 के अलावा तीन किलोमीटर के रेडियस में आने वाले लोगों की जांच कर रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार कोरोना के मरीजों को सर्दी, खांसी व बुखार का लक्षण हो, यह जरूरी नहीं है। कटघोरा ही नहीं देश के कई राज्यों में ऐसे मरीज मिले है, जिनमें बीमारी का कोई लक्षण नहीं मिला है। अब टोल फ्री नंबर पर सर्दी, खांसी व बुखार के लक्षण बताने वाले लोगाें के स्वाब का सैंपल लिया जाएगा।
हौसला: रायपुर से 460 किमी दूर नक्सलगढ़ कटेकल्याण में हेल्थ वारियर्स
कटेकल्याण ब्लॉक के गांव टेटम गांव रायपुर से 460 किलोमीटर दूर है। इतनी दूर भी स्वास्थ्यकर्मियों की मुस्तैदी छत्तीसगढ़ में कोरोना के मामले नहीं बढ़ पाने का कारण बता रहे हैं। एक बात और गौर करने वाली है। इस झोपड़ी के बाहर लगे इमली का ढेर बता रहा है कि यहां इम्यून सिस्टम इतना बेहतर क्यों होता है। इमली में विटामिन सी व एंटी ऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो इम्यून सिस्टम को बेहतर करते हैं।
सुरक्षा: ये सड़क बंद है, फिर भी तीर-कमान से पहरेदारी ताकि कोई न आ सके

ये तस्वीर दंतेवाड़ा जिले के बड़ेगुडरा से टेटम मार्ग की है। यहीं एक गांव वाला तीर-धनुष लेकर सड़क पर पहरा दे रहा है, ताकि कोई उनके गांव को क्रॉस न कर सके। लोगों से आने-जाने का कारण पूछा जा रहा है। यहां के निवासी हूंगा, जोगा ने बताया कि गांव के लोग आंध्रप्रदेश और तेलंगाना में हैं, जो पैदल चलकर गांव तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। हम नहीं चाहते कि वे अभी यहां आएं। जो भी यहां आएगा, उसे बाहर ही रोक देंगे।
उद्योगों से कर्ज वसूली रोकने की मांग; शराब दुकानें, पंजीयन दफ्तर 21 तक बंद
लॉकडाउन के बीच उद्योगों को राहत देने के लिए प्रदेश सरकार ने कर्ज वसूली स्थगित करने और ब्याज दर आधा करने की मांग की है। केंद्रीय विकास आयुक्त राममोहन मिश्रा से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हुई बातचीत में उद्योग विभाग के सचिव मनोज पिंगुवा ने यह पक्ष रखा। इधर, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शराब दुकानें, बार व क्लबों को 21 अप्रैल तक बंद रखने का निर्णय लिया है। इस दौरान पंजीयन दफ्तर भी बंद रहेंगे। पहले 14 अप्रैल तक बंद रखने के आदेश दिए गए थे। लॉकडाउन के कारण बड़े-छोटे सभी उद्योग बंद हैं। इससे आर्थिक रफ्तार थम गई है, वहीं मजदूर बेरोजगार हो गए हैं। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए सचिव मनोज पिंगुवा ने औद्योगिक गतिविधियों को गति देने के लिए कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराने की प्रक्रिया का सरलीकरण करने के सुझाव दिए हैं।
साथ ही एनएमडीसी, एसईसीएल के माध्यम से लोहे व कोयला आपूर्ति के लिए 50 प्रतिशत अग्रिम राशि लेने सहित विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की और विभिन्न सुझाव भी दिए। राज्य के उद्योगों को लॉकडाउन अवधि के दौरान श्रमिकों को भुगतान किये जाने पर उद्योगों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करने के लिए भारत सरकार से मदद करने का अनुरोध किया। उन्होंने केन्द्रीय विकास आयुक्त से अनुरोध किया कि प्रदेश के उद्योगों द्वारा विभिन्न सार्वजनिक उपक्रमों जैसे- भिलाई इस्पात संयंत्र, एनएमडीसी, एनटीपीसी, रेलवे आदि को सप्लाई किए गए ऑर्डर का लंबित भुगतान तत्काल किए जाने की व्यवस्था करने और भविष्य में प्रदाय किए जाने वाले वर्क आर्डर के साथ 30 प्रतिशत राशि अग्रिम भुगतान करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसी प्रकार प्रदेश के उद्योगों द्वारा लिये गये टर्म लोन एवं कार्यशील पूंजी ऋण पर बैंकों द्वारा लिए जा रहे ब्याज की दरों को आधा किए जाने व मासिक किश्तों की वसूली को कम से कम 06 माह के लिए स्थगित करने का अनुरोध किया।
वीडियों कॉफ्रंेसिंग में श्री पिंगुवा ने यह भी अनुरोध किया कि प्रदेश के उद्योगों को एसईसीएल, एनएमडीसी से प्राप्त होने वाले कोयला एवं लौह अयस्क के लिए पूरी राशि एडवांस में भुगतान की वर्तमान व्यवस्था को परिवर्तित कर प्रतिमाह आवश्यक कच्चे माल की राशि का 50 प्रतिशत राशि एडवांस भुगतान पर कच्चा माल प्रदान कर शेष राशि कच्चा माल प्रदाय के 15 दिनों बाद प्राप्त की जाए।
इंफ्रास्ट्रक्चर के काम शुरू करें
प्रमुख सचिव पिंगुवा ने मांग की है कि केंद्र सरकार बुनियादी अधोसंरचना निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ करे, जिससे कोर सेक्टर के उद्योगों के उत्पादों की मांग में वृद्धि हो। प्रदेश के उद्योगों को लॉकडाउन के कारण आवश्यक अतिरिक्त कार्यशील पूंजी को उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए रिजर्व बैंक से चर्चा करने का सुझाव भी दिया। केन्द्रीय विकास आयुक्त ने राज्य शासन के सुझावों पर उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया है।
केंद्र की गाइडलाइन से पहले भूपेश ने दिए सुझाव
पीएम मोदी के संबोधन के बाद केंद्र ने लाॅकडाउन को लेकर बुधवार को नए निर्देश जारी करने जा रहा है। वहीं सीएम भूपेश बघेल ने आला-अफसरों की बैठक कर लाॅकडाउन के दौरान उद्योगों को शुरू करने के मामले में उद्योगपतियों की मांगों को लेकर केंद्र को कई सुझाव दिए। उनकी ओर से प्रमुख सचिव उद्योग मनोज पिंगुवा ने केंद्रीय राहत आयुक्त को इनकी जानकारी दी।
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