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24 हजार मीटर लंबी पाइप लाइन बदलने के बाद भी पीलिया कंट्रोल नहीं, तीन दिन में मिले 76 नए मरीज

राजधानी में 20 दिन से पीलिया का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है। नगर निगम शहर के अलग-अलग वार्डों में अब तक 24 हजार मीटर लंबी पाइप लाइन बदल चुका है। उसके बाद भी मरीज बढ़ते जा रहे हैं। पिछले तीन दिन में 76 नए मरीज मिलने के साथ ही पीड़ितों की संख्या 433 पहुंच गई है। निगम प्रशासन पाइप लाइन बदलने के साथ ही पानी के सैंपल की जांच भी लगातार कर रहा है। कई ऐसे इलाके मिले हैं, जहां पीलिया अभी नहीं फैला लेकिन वहां नलों से दूषित पानी की सप्लाई हो रही है।
हालात को देखते हुए जहां भी जांच में दूषित पानी का पता चल रहा है, वहां पाइप लाइन बदलने का काम तुरंत किया जा रहा है। ऐसे इलाके जहां पाइप लाइन नालों के नीचे से जा रही है, वहां पूरी लाइन ही बदली जा रही है। पाइप लाइन को नाले से अलग किया जा रहा है। शहर के पीलिया प्रभावित इलाको में स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार सर्वे कर रही है। एक-एक घर दस्तक देकर परिवार के सभी सदस्यों के बारे में जानकारी ली जा रही है। संदिग्धों की पहचान होने के बाद उनके सैंपल लेकर मेडिकल कालेज के माइक्रबायोलाजी विभाग की लैब में जांच की जा रही है। इसी सर्वे के दौरान ही नए-नए मरीज सामने आ रहे हैं।
अब तक कुशालपुर, लाखेनगर, आमापारा, प्रोफेसर कालोनी, हीरापुर, चंगोराभाठा, डीडी नगर में पीलिया के मरीज मिल रहे थे। अब सर्वे के दौरान रामनगर, लक्ष्मणनगर में भी मरीज सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के िनर्देश के बाद उल्टी-दस्त की शिकायत वाले मरीजों का भी सैंपल लेकर जांच करवायी जा रही है।
अफसरों का कहना है कि मरीजों की जांच के साथ ही साथ निगम से आने वाले नल के पानी के सैंपल लेकर उनकी भी जांच की जा रही है। निगम के अफसर इस बात से चिंतित हैं कि नगर निगम की टंकी से सप्लाई होने वाले पानी में भी पीलिया फैलाने वाले खतरानाक बैक्टीरिया मिल रहे हैं।

बुजुर्ग की मौत से हड़कंप
डंगनिया में मंगलवार को 62 वर्षीय गौरीशंकर शर्मा की मौत के बाद पीलिया से पीड़ित होने का हल्ला मच गया। निगम के अफसरों ने बताया कि उनकी मौत पीलिया से नहीं बल्कि पहले से वे बीमार थे। उनकी मौत किसी और वजह से हुई। रायपुर के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। निजी अस्पताल के चिकित्सक डा. संदीप दवे ने भी स्पष्ट किया कि उनकी मौत पीलिया से नहीं बल्कि क्रोनिक लीवर डिसीज की वजह से हुई है।

अब भी आ रहा बैक्टिरिया, पानी उबालकर ही पीना बेहतर
प्रशासनिक अमला एक तरफ कोरोना तो दूसरी तरफ पीलिया को कंट्रोल करने के प्रयासों में जुटा है। सैकड़ों किलोमीटर पाइप बदलने और लीकेज दूर करने के बाद भी पानी में पीलिया फैलाने वाले बैक्टीरिया मिल रहे हैं। अफसरों का कहना है कि उनकी टीम सभी प्रभावित इलाको में काम कर रही है। इसके बावजूद लोगों के लिए इस समय उबालकर पानी पीना ज्यादा जरूरी है। इसके अलावा निगम की टीम क्लोरिन की गोलियां बांट रही हैं। यह भी पानी में डालकर पीएं।



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Jaundice not controlled even after changing 24 thousand meter long pipeline, 76 new patients found in three days


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