24 घंटे में महाराष्ट्र से 21, गुजरात और यूपी से 1-1 पहुंचे दुर्ग, पति-पत्नी को क्वारेंटाइन सेंटर में रखा
बीते 24 घंटे में कोरोना संक्रमित प्रदेशों से 38 लोग दुर्ग आए हैं। गुजरात से झारखंड के लिए निकले 21 मजदूरों को जिला अस्पताल परिसर के आश्रय स्थल में और यूपी तथा महाराष्ट्र से आने वालों को क्वारेंटाइन कराया गया है। इनमें एक अकेली महिला होने के नाते महिला गृह भेजी गई है।
सीएमएचओ डॉ. गंभीर सिंह ने बताया कि 21 अप्रैल की रात में जितने भी लोग पड़ोसी जिलों से अपने जिले में प्रवेश किए उनकी टीम सबकी मेडिकल हिस्ट्री तैयार कर रही है। इनमें से एक महिला की लखनऊ से आने की हिस्ट्री होने से हम पुन: अलर्ट मोड में आ गए हैं। गुजरात से झारखंड जाने वालों में से रेंडमली तौर पर तीन का सैंपल लेकर कोरोना वायरस की जांच के लिए भेजा गया है। इस तरह से क्वारेंटाइन सेंटर में रहने वालों की संख्या 13 हो गई है। इधर छावनी पुलिस ने हैदराबाद से पैदल बिहार के लिए निकले 15 मजदूरों को पॉवर हाउस के पास ट्रेस किया है। सभी को एहतियातन वैशाली नगर के आश्रय स्थल में रख दिया है।
दूसरे प्रदेशों से आने वालो ने कैसे बढ़ाया खतरा, जानिए..
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कोरोना के 182 एक्टिव मरीज हैं। वहां से यहां आई महिला को पति सहित एहतियात क्वारेंटाइन तो करा दिया गया है, लेकिन जांच में उसे कोरोना संक्रमित पाया गया तो सीधे तौर पर दो, जिनमें एक उसके पति और दूसरा कार ड्राइवर के चपेट में आने की संभावना होगी। बाटरफ नगर से यहां आने में जहां-जहां ठहरे होंगे, उन सभी के लिए भी खतरे की स्थित पैदा हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने पति, पत्नी और ड्राइवर को क्वारेंटाइन किया है। इधर गुजरात और हैदराबाद से भी 36 लोग जिले में पहुंच गए हैं। दोनों शहरोंे में कोरोना संक्रमितों की संख्या अपने पद्रेश से ज्यादा है। रेंडमली जांच कराई जा रही है।
तीन केस जानिए.. अपनों को लाने और अपने घर जाने के लिए किसे क्या-क्या किया..
1. पत्नी को लाने डॉ. ने बताया मेडिकल इमरजेंसी
यूपी के लखनऊ गई अपनी पत्नी को लाने के लिए पेशे से डॉक्टर ने मेडिकल इमरजेंसी बताकर दुर्ग से बाडरफ नगर जाने का बनवाया। इधर यहां से वहां के लिए निकले और उधर टैक्सी ने अपनी पत्नी को बुला लिए। वापस दुर्ग आने के लिए भी इस डॉक्टर ने मेडिकल इमरजेंसी वाली तरकीब से ही फिर पास हासिल कर लिया। इस तरह से 24 घंटे के भीतर वह, अपनी पत्नी को लखनऊ से दुर्ग लाने में सफल तो हो गए, लेकिन अब ड्राइवर, पत्नी और स्वयं क्वारेंटाइन सेंटर में रह रहे हैं।
2. डीसीएम से राजस्थान निकलीं, आ गई छत्तीसगढ़
राजस्थान की वेशभूषा में एक महिला स्वास्थ्य विभाग को चरोदा में घूमते हुए मिली। लोगों की सूचना पर उसे पहले सेक्टर-3 के क्वारेंटाइन सेंटर लाया गया और बाद में अकेले होने के नाते महिला सदन भेज दी गई। पूंछ-ताछ करने पर बताया कि महाराष्ट्र से वह एक डीसीएम पर सवार होकर राजस्थान के लिए निकली थी। कहा आ गई, पता नहीं। स्वास्थ्य विभाग ने उसे घूमते देखा तो जांच के लिए दुर्ग के महिला सद भेज दिया गया है। यह महिला फिलाहाल वहीं रह रही है।
3. घर जाने 1500 किमी दूरी को भी कुछ नहीं समझे: अहमदाबाद से झारखंड के जिला पलामू की दूरी करीब 1500 किमी है। 21 मजदूरों के ग्रुप ने इतनी दूरी को पैदल ही तय करने की ठान कर 18 अप्रैल को चल दिए। करीब 1000 किमी दूरी को पूरी कर जब दुर्ग पहुंचते ही आगे बढ़ने से रोक जरूर दिए गए। लेकिन अभी भी शेष दूरी पैदल ही तय करने का निर्णय लिए हैं। कह रहे कि यहां से उन्होंने आगे बढ़ने की अनुमति दे दी जाय तो सभी दो से तीन दिनों में अपने गांव पहुंच जाएंगे। इसमें तीन 55 से 60 वर्ष के बुजुर्ग भी है।
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