Skip to main content

थोक सब्जी मंडी 24 से रात 11 से सुबह 6 बजे तक बिजली, नल समेत रिपेयरिंग के काम को अनुमति

सोमवार को डूमरतराई की थोक सब्जी मंडी में लगे मेले से सतर्क प्रशासन और कारोबारियों ने 24 अप्रैल से डूमरतराई थोक सब्जी मंडी को रात 11 बजे से सुबह 6 बजे तक चलाने की तैयारी कर ली है। व्यापारियों ने कलेक्टर, एसएसपी और निगम अायुक्त के सामने यह प्रस्ताव रखा और बताया कि इससे क्या सहूलियत हो सकती है? इस प्रस्ताव पर प्रशासन और पुलिस राजी हो गई है और अाला अफसरों के मुताबिक कलेक्टर बुधवार को इस अाशय का अादेश जारी करेंगे। इधर, शासन के निर्देश पर प्रशासन ने आम लोगों की दिक्कतों को देखते हुए इलेक्ट्रीशियन, मोटर मैकेनिक, प्लम्बर, आईटी रिपेयरिंग और बढ़ई जैसे रिपेयरिंग से जुड़े काम शुरू करने की अनुमति दी है। हालांकि इनके पूरी तरह शुरू होने में वक्त लगेगा, क्योंकि राजधानी में रिपेयरिंग से जुड़े काफी लोग लाॅकडाउन के कारण अपने गांवों में फंसे हैं।
डूमरतराई थोक सब्जी बाजार में महाराष्ट्र, विदर्भ, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश आदि कई राज्यों से सब्जियां आ रही हैं।
सोमवार को तीन दिन का कर्फ्यू खुलने के बाद यहां बड़ी संख्या में फुटकर कारोबारी और शहर के लोग पहुंच गए थे और मेले जैसा माहौल था। बाजार से लगे नेशनल हाईवे से मंडी तक एप्रोच रोड में करीब आधा किमी का जाम लग गया था। इस वजह से रायपुर कलेक्टर डा. एस भारतीदासन, एसएसपी आरिफ शेख, निगम कमिश्नर सौरभ कुमार और अपर आयुक्त पुलक भट्टाचार्य टीम के साथ थोक मंडी पहुंचे। वहां उन्होंने मंडी के अध्यक्ष टी. श्रीनिवास रेड्डी सहित पदाधिकारियों से चर्चा की। रेड्डी ने कलेक्टर को बताया कि अन्य राज्यों से उनकी सब्जी की गाड़ियां रात 2 बजे तक अाती हैं। इन्हें जल्दी बुलाकर रात 11 बजे तक मंडी में खड़ी कर सकते हैं। थोक का काम सुबह 6 बजे बंद कर देंगे तो रात में यहां अव्यवस्था नहीं होगी। अध्यक्ष के इस प्रस्ताव पर कलेक्टर राजी हैं। कलेक्टर के आदेश के बाद डूमरतराई में 24 अप्रैल से कारोबार रात 11 से सुबह 6 बजे तक होगा।

आउटर में ट्रक वर्कशाॅप खुलेंगी, ढाबों से केवल पार्सल

लॉक डाउन अवधि में आवश्यक सेवाओं को बहाल रखने के लिए मालवाहक गाड़ियों को अनुमति देने के साथ ही हाईवे किनारे के ढाबे-भोजनालय, ट्रक रिपेयरिंग दुकानें, वर्कशाॅप और गैरेज खोलने की अनुमति दे दी गई है। लेकिन ढाबों को लेकर साफ कर दिया गया है कि वहां बैठकर खाने की अनुमति नहीं होगी। केवल पार्सल ही ले जाया जा सकेगा। कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम और आपातकालीन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी गाइड लाइन के अनुसार राज्य सरकार के परिवहन विभाग ने यह आदेश जारी कर दिया है।
इसके अनुसार अब शहरी क्षेत्रों के बाहर और ट्रांसपोर्ट नगरों के समीप चिन्हित स्थानों पर स्थापित भोजनालय एवं ढाबा ओर ट्रक मरम्मत की दुकान खोली जा सकेगी। हालांकि, भोजनालय एवं ढाबा में में बैठकर भोजन करने की अनुमति नहीं होगी। वहां से केवल पार्सल ही ले जाया जा सकता है। इसके लिए परिवहन विभाग ने सभी जिलों के कलेक्टर, एसपी और सभी क्षेत्रीय और जिला परिवहन अधिकारियों को निर्देश जारी किया गया है। हालांकि, कोविड- 19 के प्रसार को रोकने के लिए प्रतिबंधित रोकथाम, क्वारेंटाइन और हॉटस्पॉट जैसे इलाकों में यह निर्देश लागू नहीं होगा। यही नहीं, इन दुकानों और परिसरों में स्वच्छता और सोशल डिस्टेंसिंग के मानदंडों का कड़ाई से पालन करना होगा।

सर्विस प्रोवाइडर की होगी जांच
ऑनलाइन फूड डिलिवरी के जरिए घरों तक खाना पहुंचा रहे रेस्टारेंट प्रोटोकॉल का कितना ख्याल रख रहे हैं इसकी जांच होगी। खाद्य विभाग की टीम सर्विस प्रोवाइड करवाने वाले जोमेटो, स्विगी की जांच करेगा। इसमें ये देखा जाएगा कि फूड डिलिवरी बॉय से किसी को कोरोना का संक्रमण न हो, इसका कितना ख्याल रखा जा है। एफएसएसएआई ने गाइडलाइन जारी की है।

ढाबे-रेस्टोरेंट की मांगी सूची
फूड एंड ड्रग कंट्रोल विभाग शहर में लॉकडाउन के दौरान उन रेस्टारेंट और ढाबे की लिस्ट मंगाई है जो डिलिवरी बॉय के जरिए खाना पहुंचा रहे हैं। अब घरों तक खाना पहुंचाने वाले डिलिवरी बॉय के बॉडी टेंपरेचर की नियमित जांच का भी सिस्टम बनेगा। इसमें रेस्टारेंट को इसकी जांच की व्यवस्था बनानी होगी। होम डिलिवरी देने वाली एजेंसी को हर एक फूड डिलिवरी बॉय का हेल्थ रिकॉर्ड भी मेंटेन करना होगा।

दिल के अस्पताल में 26 दिन बादस्थानीय बच्चों के लिए जांच शुरू

नया रायपुर स्थित सत्य साईं संजीवनी अस्पताल में लॉकडाउन के 26 दिन बाद चाइल्ड हार्ट केयर सेवा शुरू कर दी गई है। कोरोना संक्रमण को देखते हुए 25 मार्च से अस्पताल में सर्जरी के साथ हार्टकेयर सेवा भी बंद थी। अब इमरजेंसी को देखते हुए सिर्फ छत्तीसगढ़ के बच्चों को परामर्श व जांच के लिए बुलाया जा रहा है। पहले दिन तीन जिलों के चार बच्चे जांच के लिए अस्पताल पहुंचे। पीआरओअजय श्रॉफ ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से अस्पताल में बच्चों की सर्जरी व कंसल्टेंसी भी बंद कर दी गई थी। उस दौरान पहले से भर्ती 7 बच्चे व उनके परिजन ही अस्पताल में थे। इनमें से 5 बच्चे ठीक होकर घर जा चुके हैं। गंभीर रूप से बीमार छत्तीसगढ़ के बच्चों के लिए सेंटर में बाल हृदय रोगियों के परामर्श और मुफ्त उपचार फिर से शुरू कर दिया गया है।

लॉकडाउन को देखते हुए अस्पताल में सोशल डिस्टेंसिंग औरटाइम का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। पहले दिन कोरबा, बालोद औरजांजगीर-चांपा जिले के 4 गंभीर चार बच्चे इलाज के लिए पहुंचे। इनमें 25 दिन से 4 महीने तक के नवजात शिशु थे, जो गंभीर थे। इनकी जांच कॉर्डियोलॉजिस्ट डा. अतुल प्रभु, डॉ. प्रशांत ठाकुर, डॉ. रागिनी पांडे, बाल चिकित्सा कार्डियक सर्जन डॉ. बालस्वरुप व एनेस्थेटिस्ट इस टीम ने इनकी जांच की। सभी मेडिकल स्टाफ भी पीपीई किट में रहेगा।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Permission for repair work, including electricity, tap, wholesale vegetable market from 24 to 11 am to 6 am


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2KqCeuB
via

Comments