(पीलूराम साहू)छत्तीसगढ़ में 23 जिलों को हेल्थ विशेषज्ञों ने कोरोना मुक्त मान लिया है, क्योंकि रायपुर में 18 मार्च को पहला केस अाया था और तब से अब तक 34 दिन में इन जिलों में कोरोना का एक भी मरीज नहीं मिला। रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव और बिलासपुर आॅरेंज जोन में जरूर हैं, लेकिन इन जिलों में भी पिछले 21 दिन से कोरोना का कोई नया मरीज नहीं मिला, जबकि सभी जगह सैकड़ों सैंपल जांचे गए हैं। कोरबा रेड जोन में है और छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा मरीज वहीं से अाए हैं। लेकिन वहां भी केवल कटघोरा बस्ती से ही 27 मरीज हैं। कोरबा शहर में भी जो एक मरीज मिला, वह लंदन से लौटा था। राहत की बात ये है कि छत्तीसगढ़ में 25 कोरोना मरीज ठीक होकर होम क्वारेंटाइन में लौट चुके हैं। इनमें 16 कटघोरा के हैं। विशेषज्ञों के अनुसार संभवत: प्रदेश में जिलों की सीमाएं सील करने और लाॅकडाउन की वजह से नए केस नहीं मिल रहे हैं।
राजधानी व प्रदेश में 19 मार्च की रात 12 बजे के बाद एम्स से आई रिपोर्ट में लंदन से लौटी समता कॉलोनी की 23 वर्षीय युवती को कोरोना पॉजिटिव की पुष्टि हुई थी। ये प्रदेश व रायपुर का पहला केस था। इसके बाद रायपुर, राजनांदगांव, कोरबा, भिलाई व बिलासपुर में कोरोना का केस मिला। खास बात यह है कि कोरोना के ज्यादातर मरीज पांच से छह दिनों में ठीक हो गए। जबकि समता कॉलोनी की युवती को स्वस्थ होने में 16 दिन लगे। दो रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद युवती को 3 अप्रैल को एम्स से छुट्टी दी गई। रामनगर के 68 वर्षीय बुजुर्ग भी छह दिनों में ठीक होकर क्वारेंटाइन पर चले गए थे। अब वे घर लौट चुके हैं। शेष|पेज 5
कटघोरा के 73 वर्षीय बुजुर्ग भी केवल नौ दिनों में स्वस्थ हो गए। प्रदेश के 25 मरीज जो एम्स, राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज व निजी अस्पताल बिलासपुर से डिस्चार्ज हुए हैं, सभी स्वस्थ हैं। इनमें आठ मरीजों का क्वारेंटाइन पूरा हो चुका है और वे अपने घरों में रह रहे हैं।
फेफड़े में इंफेक्शन नहीं, इसलिए जल्द स्वस्थ
विदेशों में यूएसए, इटली, स्पेन व देश में मुंबई, इंदौर में जितनी भी मौत हुई है या हो रही है, सभी के श्वसन तंत्र यानी फेफड़े में इंफेक्शन हुआ था। विशेषज्ञों के अनुसार फेफड़े में सीवियर इंफेक्शन होने के बाद मरीज की जान बचाने में परेशानी होती है। ऐसी स्थिति में मरीज वेंटीलेटर पर चला जाता है। अंबेडकर अस्पताल में चेस्ट रोग विभाग के एचओडी डॉ. आरके पंडा का कहना है कि मरीज का गंभीर नहीं होना ही कोरोना के खिलाफ जीत है।
ये 23 जिले हैं कोरोना फ्री : बालोद, बेमेतरा, कवर्धा, धमतरी, बलौदाबाजार, महासमुंद, गरियाबंद, रायगढ़, जांजगीर-चांपा, मुंगेली, गौरेला पेंड्रा मरवाही, सरगुजा, कोरिया, सूरजपूर, बलरामपुर, जशपुर, बस्तर, काेंडागांव, दंतेवाड़ा, सुकमा, कांकेर, नारायणपुर, बीजापुर।वे जिले जहां 21 दिनों से मरीज नहीं: रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बिलासपुर।
क्वारेंटाइन लोगों की रोज जांच, देखते हैं लक्षण
क्वारेंटाइन में रह रहे लोगों की रोज जांच की जाती है। उन्हें समय पर दवा का डोज भी दिया जा रहा है। देखते हैं कि कहीं लक्षण तो नहीं। प्रदेश में अभी तक ठीक हुए मरीजों में किसी को दाेबारा जांच की जरूरत नहीं पड़ी। दरअसल वे पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं। बुधवार से अब तक 11 लोगों को एम्स से छुट्टी दी गई, वे भी पूरी तरह स्वस्थ है। दो बार रिपोर्ट निगेटिव आने पर उन्हें डिस्चार्ज किया गया। समता कॉलोनी, रामनगर, बैरनबाजार, देवेंद्रनगर व डीडीनगर के मरीज स्वस्थ हैं। उनमें दोबारा कोई लक्षण नहीं दिखने पर दोबारा सैंपल नहीं लिया गया। हालांकि क्वारेंटाइन खत्म होने पर सैंपल लिया गया था, जो निगेटिव आया।
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