सरकारी अनुमान के अनुसार प्रदेश में एक लाख लोगों की कोरोना जांच की जरूरत है, जिसमें 95 हजार अभी बाकी हैं। इसके मुकाबले कोरोना टेस्ट किट महज 19 हजार ही हैं। ऐसे में स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने पूल टेस्टिंग करवाने का फैसला लिया है। उन्होंने बुधवार को ट्वीट कर बताया कि पूल टेस्टिंग में एक किट में 5 लोगों के सैंपल जांचे जाएंगे। रिपोर्ट नेगेटिव आई यानी पांचों को कोरोना नहीं है। इस तरह, 4 किट बच जाएंगी। रिपोर्ट पॉजीटिव आई, तभी पांचों की अलग-अलग जांच की जरूरत पड़ेगी। विशेषज्ञों का अनुमान है कि अभी जितने लोगों की जांच करनी है, उसके लिए 95 हजार टेस्ट किट लगेंगी, लेकिन पूल टेस्ट में यह काम 19 हजार में ही हो जाएगा।
इस समय प्रदेश में 75 हजार से ज्यादा लोग क्वारेंटाइन में है। इनके संपर्क में 35 से 40 हजार लोग आए हैं। इस तरह संदिग्ध लोगों का आंकड़ा एक लाख के पार है। स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने सभी जांच लॉकडाउन के दौरान करने की बात कही है, जिससे लॉकडाउन खुलने पर और लोग संक्रमित न हो। विशेषज्ञों के अनुसार जिस किट से जांच की जा रही है, उसी किट से यह जांच संभव है। इसमें खर्च भी कम आएगा और ज्यादा लोगों की जांच हो सकेगी। वर्तमान प्रक्रिया से जांच होती रही तो काफी समय लग जाएगा।
इसलिए जांच की जरूरत
होम क्वारेंटाइन में रह रहे व उनके संपर्क में आए लोगों की जांच इसलिए भी जरूरी है कि कहीं वे कोरोना के वाहक न बन जाए। एक्सपर्ट के अनुसार ऐसे लोगों की जांच जरूरी है, ताकि यह कंफर्म हो सके कि उनकी रिपोर्ट नेगेटिव है या पॉजीटिव। नेगेटिव रिपोर्ट आने पर चिंता की कोई बात नहीं, लेकिन पॉजीटिव रिपोर्ट आने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कर इलाज किया जाएगा। सोशल डिस्टेंस न होने की स्थिति में मरीज के संपर्क में कई लोग आ सकते हैं।
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