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जांच का पैटर्न बदला, कम्युनिटी ट्रांसमिशन का पता लगाने अब लिए जाएंगे 135 सैंपल

कोरोना के मामले में कबीरधाम जिला फिलहाल ग्रीन जोन में है। इसके बावजूद संक्रमण के खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यही कारण है कि अब स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन ने जांच की रणनीति बदली है। नई रणनीति के तहत अब कम्युनिटी ट्रांसमिशन का पता लगाने के लिए रेंडम सैंपल लिए जाएंगे ।
कबीरधाम जिले में कुल 135 रेंडम सैंपल लेंगे। हर ब्लॉक में 35-35 सैंपल लेने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एसके तिवारी ने बताया कि कोरोना जांच के लिए रेंडम सैंपल ठीक वैसे ही लिया जाएगा, जैसे कृषि व राजस्व विभाग फसल कटाई सर्वे करती है। इसके तहत हर ब्लॉक में 5 जगह चिह्नांकित किए जाएंगे। सैंपल की जांच से कोरोना के कम्युनिटी ट्रांसमिशन का पता लगाने में आसानी होगी।
3-3 टीमें बनी, डॉक्टर व टेक्नीशियन शामिल
रेंडम सैंपल जुटाने के लिए ब्लॉक स्तर पर 3-3 टीमें बनाई गई है। हर टीम में एक डॉक्टर, टेक्नीशियन समेत 5 लोग रहेंगे। खास बात यह है कि जिन लोगों का सैंपल लिया जाना है, उनमें सर्दी, जुकाम या बुखार के लक्षण देखेंगे। साथ ही उनकी ट्रैवल हिस्ट्री और यहां आने से पहले वे किसी दूसरी जगह पर क्वारेंटाइन तो नहीं रहे, यह भी देखा जाएगा। सैंपल लेकर इसे जांच के लिए एम्स रायपुर भेजेंगे।
इधर, 46 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आने से राहत
कबीरधाम जिले में कोरोना टेस्ट के लिए 46 लोगों के सैंपल भेजे गए थे। एम्स रायपुर से इनकी रिपोर्ट मिल चुकी है। सभी की रिपोर्ट निगेटिव आने से राहत है। फिलहाल यहां विदेश यात्रा से लौटे 58 लोग होम आइसोलेशन पर हैं। वहीं दूसरे राज्यों व जिलों से आए 5800 लोग भी हाेम आइसोलेशन पर हैं और स्वास्थ्य विभाग लगातार इनका फॉलोअप ले रही है। 46 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है।
जानिए, क्या है कम्युनिटी ट्रांसमिशन

सीएमएचओडॉ. तिवारी के मुताबिक कम्युनिटी ट्रांसमिशन थर्ड स्टेज होती है। यह तब आती है, जब एक बड़े इलाके के लोग वायरस से संक्रमित पाए जाते हैं। कम्युनिटी ट्रांसमिशन में कोई ऐसा व्यक्ति भी संक्रमित हो सकता है, जो न तो कोरोना वायरस से प्रभावित देश से लौटा है और न ही वह किसी दूसरे कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आया हो। इस स्टेज में यह पता नहीं चलता कि कोई व्यक्ति कहां से संक्रमित हो रहा है।

आबादी 9 लाख, 90 हजार लोगों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य
संक्रमण के खतरे को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग डोर-टू-डोर सर्वे करा रही है । कबीरधाम जिले की आबादी लगभग 9 लाख है। इनमें से 10 फीसदी यानी 90 हजार लोगों के स्क्रीनिंग का लक्ष्य रखा गया है। घर-घर सर्वे कर स्क्रीनिंग के लिए जिला मुख्यालय कवर्धा में 5 सदस्यीय 20 टीम बनाई गई है। ये टीम कवर्धा शहर में करीब 10 हजार लोगों की स्क्रीनिंग कर चुकी है। वहीं ब्लॉक स्तर पर 5- 5 और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर 3- 3 टीमें बनाई गई है।

शहर की सड़कें सूनी, क्योंकि घरों में ही हैं लोग

कोरोना के मामले में कबीरधाम जिला ग्रीन जोन में है। यहां कोविड- 19 के एक भी पॉजिटिव नहीं पाए गए हैं। इस लिहाज से लॉकडाउन में लोगों काे राहत देते हुए निर्धारित समय सीमा में किराना व राशन दुकानें खोलने छूट मिली है। हालांकि, संक्रमण के खतरे को देखते हुए लोग अपने घरों में ही समय बिता रहे हैं। 20 अप्रैल को कुछ राहत के बाद भी दोपहर में सड़कें सूनी नजर आई।



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Detection pattern changed, 135 samples will be taken to detect community transmission


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