तय समय से पहले ही दुकान बंद कर रहे
ज्यादातर दुकानों में चावल का स्टॉक नहीं होने का बोर्ड लगा दिया गया है और दुकानें बंद कर दी गई है। हितग्राही बताते हैं कि रविवार दुकानदार कब चावल आएगा और उन्हें मिलेगा इसकी सही जानकारी नहीं दे रहे। इसलिए रोजाना चक्कर काटने की जरूरत पड़ रही। लोगों को राशन के लिए भटकना पड़ रहा है।
डीओ काटकर कह रहे सभी को भेज दिया स्टॉक
सरकार के आदेश के हिसाब सेे अप्रैल और मई महीने का चावल एक साथ बांटना है। नाॅन केे डीएमओ आकाश राही का कहना है कि हमने सभी सहकारी उचित मूल्य की दुकानों मंेे पर्याप्त स्टॉक भेज दिया है। जिले में एपीएल के 29 हजार, अंत्योदय के 24 हजार हितग्राही है। लॉकडाउन के कारण दो महीने का राशन दे रहे हैं।
प्रशासनिक रिपोर्टर। दुर्ग। ट्विनसिटी सहित जिले के ऐसे 108 सोसायटियों में चावल खत्म हो गया है। इसकी वजह से 43 हजार उपभोक्ताओं को भटकना पड़ रहा है। प्रदेश सरकार ने एक अप्रैल सेे जिले के सभी सहकारी उचित मूल्य की दुकानों में मुफ्त चावल वितरण करने का फरमान जारी किया था। शहर में 249 और ग्रामीण क्षेत्र में 297 सहकारी उचित मूल्य की दुकानों में चावल का पर्याप्त स्टाॅक 31 मार्च तक पहुंचाने का दावा था।
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