लॉकडाउन में न थमे जिंदगी इसलिए ऑन कॉल ब्लड दे बचा रहे जान महिलाओं व युवाओं ने 10 राज्यों में 25 दिन में 2050 यूनिट किया रक्तदान
(संदीप राजवाड़े )कोरोना से जहां एक तरफ पूरी दुनिया व देश थमा और डरा हुआ है, ऐसे माहौल में देश के 10 राज्यों के अन्य बीमारी के गंभीर व जरूरतमंद मरीजों को ब्लड डोनेट कर उनकी जान बचाने में एक संगठन लगा हुआ है। लॉकडाउन में सबकुछ बंद हैं, लोगों घरों में कैद हैं, लेकिन अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद सिर्फ एक कॉल पर रक्तदान करने पहुंच रहे हैं। लॉकडाउन के 25 दिन के दौरान ही इस संगठन ने महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान, छत्तीसगढ़ समेत अन्य राज्यों में 2050 से ज्यादा यूनिट ब्लड डोनेट कर गंभीर मरीजों की जान बचाई है। इस संगठन ने कोरोना के संक्रमण को देखते हुए लगाए गए लॉकडाउन के बाद आई विषम परिस्थिति में एक देशव्यापी रक्तदान अभियान चलाया है, जिसमें ऑन कॉल पर डोनर जरूरतमंद को ब्लड डोनेट करने पहुंच जाता है।
देश में रक्तदान करने में शामिल इस संगठन को पत्र लिखकर लॉकडाउन लगने के दौरान महाराष्ट्र सरकार ने ब्लड डोनेट करने के लिए मदद का अनुरोध किया था।अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप कोठारी (निवासी महाराष्ट्र) ने बताया कि कोरोना के संक्रमण से महाराष्ट्र सबसे प्रभावित राज्य है। देश में 25 मार्च को लॉकडाउन लगा लेकिन इस राज्य में बढ़ते मामले को देखते हुए 21 मार्च से ही लॉकडाउन कर दिया गया था। इस दौरान ही हमें मुंबई में एक गंभीर मरीज के लिए 4-5 यूनिट ब्लड की मांग आई, लॉकडाउन के दौरान हमने उसे पूरी की। हमने मेगा ब्लड डोनेशन ड्राइव ऑन कॉल के नाम से एक अभियान 25 मार्च से शुरू कर दिया। देशभर व नेपाल समेत हमारे इस युवा परिषद में 40 हजार नियमित डोनर शामिल हैं, जो साल में 2-3 बार रक्तदान जरूर करते हैं। इसके अलावा 20 हजार अन्य डोनर भी जुड़े हुए हैं। ये अब जिस शहर व राज्य में हैं, वहां के ब्लड बैंक से जुड़े हुए हैं। लॉकडाउन में जैसे ही कोई जरूरतमंद आता है, ग्रुप के अनुसार उस डोनर को रक्तदान के लिए भेज देते हैं। इससे जहां लोगों की जिंदगी बच जाता है तो दूसरी तरफ लॉकडाउन के दौरान कैंप व अन्य शिविर आयोजित न कर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी किया जा रहा है। देश के 22 राज्यों में परिषद की 346 शाखाएं हैं, जिनमें से अब 10 राज्यों के अलावा अन्य भी यह ऑन कॉल अभियान शुरू किया जा रहा है। इसके अलावा नेपाल में 6 शाखाएं हैं। इसके अलावा नेशनल ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल (एनबीटीसी) दिल्ली के 17 पैनल में यह परिषद एक सदस्य के रूप में शामिल है। रक्तदान को लेकर कोई भी नियम-पॉलिसी इन पैनल के सदस्यों के साथ मिलकर ही बनाई जाती है।
यहां सबसे ज्यादा रक्तदान
सूरत 198 यूनिट
सिलीगुड़ी 175 यूनिट
बेंगलुरू 155 यूनिट
चेन्नई 146 यूनिट
जयपुर 122 यूनिट
हिसार 89 यूनिट
अहमदाबाद 87 यूनिट
नागपुर 85 यूनिट
हैदराबाद 85 यूनिट
गुवाहाटी 70 यूनिट
सिरसा 56 यूनिट
बाइसर मुंबई 38 यूनिट
विशाखापत्तनम 25 यूनिट
रायपुर 18 यूनिट
डर नहीं जान बचाने की मुहिम
संगठन के पदाधिकारी निर्मल बेंगाणी (रायपुर) ने बताया कि डर नहीं जान बचाने की मुहिम में कई महिलाएं व युवतियां सामने आकर रक्तदान कर रही हैं। हम लोगों को यह भी समझा रहे हैं कि लॉकडाउन का पूरा पालन करें और अपने आप व परिवार को सुरक्षित रखें। जिस शहर से ब्लड डोनेट के लिए कॉल आता है, उसके कुछ समय बाद ही संबंधित ग्रुप का डोनर लॉकडाउन का पालन करते हुए ब्लड बैंक पहुंच कर डोनेट करते हैं। हमारी संस्था सालभर के दौरान पूरे देश में करीब सवा लाख यूनिट डोनेट करती है। लॉक डाउन में अब तक 2050 यूनिट से ज्यादा ब्लड डोनेट किया गया है।
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