सार्वजनिक क्षेत्र की कम्पनी एचएससीएल के पूर्व अधिशासी निदेशक (ईडी) रामाधार झा का आकस्मिक निधन इलाज के दौरान शनिवार की सुबह कोलकाता के एक अस्पताल में हो गया। वह लगभग 86 वर्ष के थे। उनके निधन पर बोकारो के विभिन्न सांस्कृतिक व सामाजिक संगठनों ने गहरा शोक जताया है। बोकारो की लब्ध प्रतिष्ठित संस्था मिथिला सांस्कृतिक परिषद ने संस्था द्वारा संचालित मिथिला अकादमी पब्लिक स्कूल के वर्षों तक
अध्यक्ष रहे स्व. झा के निधन को समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।
परिषद के अध्यक्ष कुमुद कुमार ठाकुर व महासचिव राजेन्द्र कुमार ने संस्था की ओर से स्व झा के निधन पर शोक प्रकट करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं सम्पूर्ण विप्र समाज की ओर से रामकृष्ण त्रिपाठी ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। उल्लेखनीय है कि रामाधार झा ने सेवाकाल के दौरान अधिशासी निदेशक के पद पर रहते हुए बोकारो में सार्वजनिक क्षेत्र की कम्पनी एचएससीएल की डूबती हुई इकाई को पुनर्जीवित किया और कम्पनी को मुनाफे की ओर अग्रसर किया। जबकि उनके इस पद से हटने के बाद कम्पनी न सिर्फ घाटे में चली गयी, बल्कि उसका अस्तित्व ही समाप्ति की ओर है, क्योंकि उसका विलय एनबीसीसी में हो चुका है। उनके निधन पर एचएससीएल सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ के नेता विजय कुमार ने भी गहरा दुःख प्रकट किया है। स्व. झा ने इग्नू के बोकारो केन्द्र को भी प्रतिष्ठापित करने में अपनी अहम भूमिका निभाई थी।
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