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Jharkhand daily news


कानपुर से ट्रकों में सवार होकर पश्चिम बंगाल के मालदा जा रहे 100 से अधिक मजदूरों के जत्थे को ड्राइवरों ने तोपचांची में ही उतार दिया। अचानक तोपचांची बाजार में इतनी तादाद में मजदूरों को देखकर स्थानीय लोग हतप्रभ हो गए। मजदूरों से पूछताछ में मालूम हुआ कि वे कानपुर में किसी पावर प्लांट में काम करते थे। लाॅकडाउन की वजह से प्लांट बंद हो गया। वे मालदा के रहने वाले हैं। इसलिए वापस घर जा रहे थे। मजदूरों ने बताया कि कानपुर प्रशासन ने सभी मजदूरों को उन्हें ट्रकों में भरकर उत्तर प्रदेश से बिहार बॉर्डर और फिर वहां से चलकर झारखंड के तोपचांची तक छोड़ा गया। उन्हें बंगाल बॉर्डर तक छोड़ना था, लेकिन ट्रक ड्राइवरों ने सभी को जबरन तोपचांची बाजार में छोड़ दिया। इसके बाद वहां से सभी मजदूर पैदल बंगाल तक पैदल जाते दिखे। मजदूरों ने बताया कि कानपुर से तोपचांची तक सभी जिले के संबंधित प्रशासन ने सभी मजदूरों की देखरेख और खाने-पीने की व्यवस्था भी की। उन्हें कानपुर से झारखंड के तोपचांची तक चेन सिस्टम के तहत पहुंचाया गया। ताेपचांची से दाेपहर में वे लाेग पैदल ही निकल पड़े।

कर्नाटक-गाेवा में सिंदरी, बलियापुर के 55 फंसे

बलियापुर, सिंदरी अाैर गाेविंदपुर क्षेत्र में रहने वाले 55 से अधिक लाेग लाॅकडाउन से कर्नाटक, गाेवा, यूपी अाैर बंगाल में फंस गए है। इनके समक्ष रहने अाैर खाने-पीने की समस्या उत्पन्न हाे गई है। इनके परिजन परेशान हैं। सिंदरी विधायक इंद्रजीत महताे ने राज्य के मुख्य सचिव काे पत्र लिख कर ऐसे लाेगाें के लिए रहने-खाने की व्यवस्था करने की मांग की।

डेहरी से पहुंचे 19 मजदूराें काे खिलाया गया खाना

लॉकडाउन के कारण काम धंधा बंद होने के बाद डेहरी ऑन सोन (बिहार) में राजमिस्त्री का कार्य कर रहे 19 मजदूर पैदल मुर्शिदाबाद (पश्चिम बंगाल) स्थित घर के लिए रवाना हो गए। इसकी दूरी 503 किमी है। मंगलवार को भूखे-प्यासे सभी राजगंज पहुंचे। राजगंज थानेदार थाना में संचालित सामुदायिक रसोई में सभी को भोजन करवाया।

बलियापुर में फंसे जात्रा के कलाकारों को मदद


बलियापुर की पहाड़पुर में बंगाल से बांग्ला जात्रा करने पहुंचे करीब दर्जनभर कलाकार लाॅकडाउन में फंसे हुए हैं। इन्हें मंगलवार काे मदद मिली। कलाकाराें के बीच 25 किलाे चावल, 20 किलाे अालू, बिस्कुट, मिक्चर का वितरण किया गया। मदद करने वाली टीम में जाहिदा परवीन, रोहित भारती, प्रतीक कुमार, आसिफ रज़ा, ताज शामिल थे।

श्रीकांत गिरि | पुटकी

विशेष पूजा कार्यक्रम में शामिल होने आए पुटकी आए बिहार के 28 लोग लॉकडाउन के कारण पिछले 10 दिनों से फंसे हुए हैं। सभी कोक प्लांट पुटकी में रिश्तेदार कमल कुणाल पटेल के घर ठहरे हुए हैं। वहीं मुनीडीह में श्राद्धकर्म में शामिल होने आए करीब 15 लोग फंसे हैं। लॉकडाउन के कारण फंसे लोग जल्द ही अपने गांव व शहर लौटना चाहते हैं। पुटकी कोक प्लांट में बिहार के पिणौतिया, भदौर के 18, नालंदा सरदपुर के 3, शेखपुरा तेजस के 3, बिहारशरीफ के 2, नालंदा कबीरचक के तीन व नवादा वारसलीगंज के 1 व्यक्ति शामिल हैं। इनमें 70 साल की एक महिला समेत 10 से 12 साल के बीच 14 बच्चे भी शामिल हैं। सभी मन्नत पूर्ण होने पर कतरास के लिलौरी स्थान में 21 मार्च को आयोजित विशेष पूजन कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। सभी को 23 मार्च को लौटना था। लॉकडाउन से ट्रेन व वाहनाें का परिचालन बंद हाे गया। सदरपुर से आए मनोज कुमार पेशे से प्राइवेट मेडिकल प्रैक्टिशनर हैं। इनके पिता वृद्ध हैं। घर में तीन बच्चे हैं। गांववाले इन्हीं की चिकित्सा पर निर्भर हैं। गांव के मरीजों के साथ मनोज के घर से लगातार फोन आ रहे हैं।

सिंदरी | हिंदुस्तान उर्वरक और रसायन लिमिटेड (हर्ल) सिंदरी प्रबंधन ने प्रोजेक्ट में कार्यरत असंगठित श्रमिकों को सिंदरी में ही रहने को कहा है। हर्ल के अपर महाप्रबंधक एमसी करण ने बताया कि कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सभी राज्यों की सीमाओं को सील कर दिया गया है। हर्ल के किसी भी कर्मचारी को सिंदरी से बाहर जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। किसी भी कर्मचारी ने चोरी-छिपे सिंदरी से बाहर जाने का प्रयास किया तो उसे अवैध मान उनके विरुद्ध प्रशासन उचित कार्रवाई कर सकता है। करण ने बुधवार को हर्ल के अस्थायी सभी छह श्रमिक शिविरों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि हर्ल प्रोजेक्ट में काम करने वाले सभी 1437 श्रमिक सिंदरी में रह रहे हैं। उन्हें पूरा वेतन दिया जाएगा। शिविरों में उनके भोजन की व्यवस्था भी प्रबंधन द्वारा किया जाएगा। कोरोना पर नियंत्रण के लिए शिविरों में रह रहे सभी श्रमिकों को फेसमास्क, सेनेटाइजर उपलब्ध करवाए गए हैं। नियमित रूप से थर्मल स्क्रीनिंग करवाई जा रही है। हर्ल प्रबंधन ने आइसोलेशन वार्ड भी बनाया है।

{कानपुर प्रशासन ने ही ट्रकों से बंगाल बॉर्डर तक पहुंचाने का किया था बंदोबस्त


पुटकी के कोक प्लांट में बिहार के फंसे 28 लोग।

सिंदरी : हर्ल ने 1437 असंगठित मजदूरों

को अपने शिविरों में रखा, वेतन भी मिलेगा

ताेपचांची: कानपुर से मालदा जा रहे 100 मजदूराें काे ट्रक ड्राइवरों ने उतारा



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Baliyapur News - 28 people from bihar came to worship in lilouri place trapped in putki for 10 days
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