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सदर अस्पताल में टीबी के पुराने मरीजों को अब मुफ्त इलाज की सुविधा शुरू की गई है। उनके लिए चार बेड की नई यूनिट बनाकर चालू कर दी गई है। इस सेंटर के खुलने से अब यहां के टीबी के गंभीर मरीजों को इलाज के लिए राज्य के दूसरे जिले में नहीं जाना पड़ेगा। पहले यहां के गंभीर रूप से टीबीग्रस्त मरीजों को इलाज और दवाओं के लिए धनबाद, हजारीबाग सहित अन्य जिलों में जाना पड़ता था। इससे उन्हें आर्थिक, मानसिक और शारीरिक परेशानी झेलनी पड़ती थी। सदर अस्पताल की उपाधीक्षक डॉ. रेणु भारती के अनुसार इस सेंटर के बनने से अब गंभीर रूप से पीड़ित टीबी के मरीजों को दवा और इलाज के लिए काफी सहूलियत होगी। उन्होंने बताया कि यहां गंभीर रूप से ग्रसित टीबी के मरीजों को एक सप्ताह तक होने वाले इलाज से लेकर दवा तक की सुविधा नि:शुल्क दी जाएगी।

केंद्रीय टीम के जाने के बाद हुआ चालू

केंद्रीय टीम के जांच कर चले जाने के बाद उनकी स्वीकृति से इस यूनिट को चालू कर दिया गया है। अभी मरीजों को इसकी जानकारी नहीं है। इसके कारण यहां तक अभी वे नहीं पहुंच पा रहे हैं। ऐसे में यह अभी बंद पड़ी है। इस सप्ताह से ही टीबी के गंभीर रोगियों के इलाज की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

डॉ. अशोक कुमार पाठक,
सिविल सर्जन।

ग्राउंड फ्लोर में सामान्य वार्ड के बगल में बनी यूनिट

जिला टीबी डीआर सेंटर सदर अस्पताल के निचले हिस्से में पीछे की तरफ स्थित सामान्य वार्ड के बगल में बनाया गया है। इसे मरीजों के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए चारों तरफ से ही बंद रखा गया है। इस यूनिट में मरीजों की जांच के लिए के लिए सीवी नैट के अलावा कई अन्य उपकरण भी लगाए गए हैं। मरीजाें के इलाज के लिए चेस्ट स्पेशलिस्ट डॉ. संजय कुमार के अलावा दो तकनीशियन और दो एएनएम समेत चार स्वास्थ्यकर्मियों को बहाल किया गया है। इस जांच केंद्र में जिले में स्थित लगभग 22 टीयू सेंटर में टीबी के मरीजों की जांच के बाद गंभीर मरीजों को भेजा जाएगा। बीच में ही दवा छोड़ने वाले मरीजों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है।

जिला टीबी डीआर सेंटर।



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Bokaro News - free treatment of serious tb patients started in sadar hospital


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