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Jharkhand daily news

रांची । काेराेना का भय लाेगाें में इस कदर फैल गया है कि चिकित्सक भी अपने घर में बैठ गए हैं। जबकि, चिकित्सकाें के द्वारा मरीजाें के इलाज करने पर काेई पाबंदी नहीं है। सर्दी-खांसी वाले मरीजाें की ताे प्राइवेट चिकित्सक देखना ही नहीं चाहते। डेंटल पेंसेंट का इलाज कहीं नहीं हाे रहा। शहर के हर छाेटी-बड़ी प्राइवेट डेंटल क्लिनिक सहित रिम्स का डेंटल अाेपीडी भी बंद है। मजबूरन, दांताें की दर्द से परेशान मरीज इलाज करवाने के लिए भटक रहें हैं। पिस्का माेड़ 55 वर्षीय संजय वर्मा बुधवार से दांत की दर्द से परेशान हैं। उन्हाेंने बताया कि दाे दिनाें से पूरे रांची में डेंटल चिकित्सक की तलाश करते रहे हैं, पर सभी क्लिनिक बंद मिले। शुक्रवार काे रिम्स भी गया ताे उसे डेंटल अाेपीडी बंद मिला। दांतांे में लांग रखकर जी रहे हैं।

रिम्स के डेंटल विभाग में सीरियस मरीजाें का हाे रहा है इलाज : डाॅ. नरेंद्र नाथ सिंह

रिम्स के डेंटल विभाग के प्रभारी प्रार्चार्य डाॅ. नरेंद्रनाथ सिंह ने बताया कि डेंटल से जुड़ी सामान्य तकलीफ के लिए डेंटल अाेपीडी बंद है, लेकिन सीरियस पेंसेंट का इलाज राेजाना किया जा रहा है। किसी भी मरीज काे दांत से संबंधित काेई भी बड़ी समस्या है ताे वे इलाज के लिए रिम्स अाएं। यहां सुबह से शाम तक डाॅक्टर माैजूद हैं।

रांची में रेलवे बना सकता है 3200 बेड का वार्ड

रांची रेल डिविजन को भी कोरोना वायरस के खतरे से निपटने के लिए तैयार रहने के लिए कहा गया है। इंटर्नली रेलवे ने तैयारी शुरू कर दी है। इसका एक या दो मॉडल दिल्ली में बनाया गया है। अगर जरूरत पड़ी तो इसी हिसाब से पूरे देश में रेलवे तैयारी करेगा। रांची रेल डिविजन भी पूरी तरह से तैयार है। इसके पास 600 कोच हैं। एक कोच में आठ आइसोलेशन वार्ड बनाएगा तो 3200 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार होगा। रेलवे बोर्ड के पीआर एडीजी डीजे नारायण ने कहा कि रेलवे यह तैयारी कर रहा है कि अगर सिचुएशन आएगा तो इसे कैसे हैंडल कर सकते हैं, इस पर मंथन चल रहा है। जरूरत पड़ी तो इसी आधार पर देशभर के ट्रेनों में तैयारी की जा सके।

सचिव ने रिम्स के 100 बेडेड आइसाेलेशन वार्ड काे देखा

रिम्स में चल रही तैयारी काे लेकर स्वास्थ्य सचिव डाॅ. नीतिन मदन कुलकर्णी ने ट्राॅमा सेंटर में बन रहे 100 बेडेड अाइसाेलेशन वार्ड का जायजा लिया। निदेशक डाॅ. डीके सिंह ने बताया कि 30 मार्च काे काेराेना पाॅजीटिव व गंभीर मरीजाें के लिए ट्राॅमा सेंटर तैयार हाे जाएगा। अभी 25 बेडेड अाईसीयू अाइसाेलेशन वार्ड अाैर 60 बेडेड अाइसाेलेशन वार्ड तैयार हाे चुका है। 40 बेड अाैर तैयार करना है, जाे साेमवार तक हाे जाएगा। प्रबंधन ने कार्डियाे काे छाेड़ सभी विभाग के चिकित्सकाें काे काेराेना से संबंधित मरीजाें की देखरेख के लिए लगा दिया है।



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कोरोना के डर से प्राईवेट डॉक्टरों ने अपने क्लीनिक बंद कर दिए।
All the dental clinics in the city are afraid of Karenna, patients moaning from the pain of the teeth, there is no treatment even in RIMS


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